मेंगलुरु, 13 दिसंबर (भाषा) विख्यात संस्कृत विद्वान विद्यावाचस्पति बन्ननजे गोविंदाचार्य का आयु संबंधी बीमारियों के कारण रविवार को निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे।
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पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि गोविंदाचार्य ने उडुपी के अम्बल्पदी स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली।
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‘मधवा’ विचारधारा के प्रचारक गोविंदाचार्य को वर्ष 2009 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। वह वेद भाष्य, उपनिषद भाष्य, महाभारत, रामायाण और पुराणों के ज्ञाता थे।
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गोविंदाचार्य ने करीब 150 पुस्तकें लिखीं और संस्कृत से कन्नड़ में भी काफी अनुवाद किया। उन्होंने कई ऐतिहासिक किताबों का भी कन्नड़ में अनुवाद किया।