(Q-Line Biotech IPO/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Q-Line Biotech IPO: Q-Line Biotech के आईपीओ में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी का आईपीओ काफी सफल रहा और अब सभी की नजर 29 मई की लिस्टिंग पर टिकी है। इस आईपीओ का अपर प्राइस बैंड 343 रुपये तय किया गया था। ग्रे मार्केट के संकेतों के अनुसार, लिस्टिंग पर निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है। जिससे बाजार में इसे लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।
यह आईपीओ निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा। इसे कुल 102 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, कुल सब्सक्रिप्शन 102.42 गुना तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि कंपनी के शेयरों के लिए भारी मांग रही। इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने लगभग 214.48 करोड़ रुपये जुटाए हैं और यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू था यानी पैसा सीधे कंपनी के विस्तार में जाएगा।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के अनुसार, Q-Line Biotech के शेयर में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। शेयर करीब 108 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इसका मतलब है कि लिस्टिंग करीब 30% से ज्यादा ऊपर हो सकती है। अनुमान के मुताबिक निवेशकों को एक लॉट पर लगभग 43,200 रुपये तक का मुनाफा मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञ कहते हैं कि GMP केवल अनुमान होता है और असली प्रदर्शन लिस्टिंग के दिन तय होता है।
जिन निवेशकों ने इस आईपीओ में पैसा लगाया है, वे अब अपना अलॉटमेंट स्टेटस आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए NSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां ‘Equity & SME IPO bid details’ सेक्शन में जाकर कंपनी का नाम Q-Line Biotech चुनना होगा। इसके बाद PAN नंबर या एप्लीकेशन नंबर डालकर स्टेटस देखा जा सकता है कि शेयर मिले हैं या नहीं। यह प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है।
Q-Line Biotech हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक सेक्टर की कंपनी है जो मेडिकल टेस्टिंग किट, रिएजेंट्स और अन्य उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स हेमेटोलॉजी, क्लीनिकल केमिस्ट्री और इम्यूनोडायग्नोस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं। कंपनी के शेयर 29 मई को NSE SME प्लेटफॉर्म पर सुबह 10 बजे लिस्ट होगी। हेल्थ सेक्टर में बढ़ती मांग के कारण कंपनी को लेकर निवेशकों की उम्मीदें मजबूत बनी हुई हैं।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।