Asaram Bapu Case High Court Final Verdict / Image Source : X
जोधपुर : Asaram Bapu Case Final High Court Verdict : नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में जेल में सजा काट रहे आसाराम बापू की सजा पर जोधपुर हाईकोर्ट ने आज अपना अंतिम और बड़ा फैसला सुना दिया है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद सुरक्षित रखे फैसले को सार्वजनिक कर दिया है। इस फैसले सेआसाराम बापू को तगड़ा झटका लगा है वहीं उनके सह-आरोपियों के लिए यह बहुत बड़ी राहत की खबर है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में आसाराम की आजीवन कारावास की सजा को पूरी तरह से वैसे ही बरक़रार रखा है। Asaram Life Imprisonment Upheld हालांकि, आसाराम को एक छोटी सी राहत जरूर मिली है कि उन पर से सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं को हटा दिया गया है। लेकिन बलात्कार की मुख्य धारा में उनकी उम्रकैद की सजा चालू रहेगी, यानी उन्हें जेल में ही रहना होगा। इस मामले में सरकार की तरफ से एजी दीपक चौपड़ा ने और पीड़िता की तरफ से वकील पीसी सोलंकी ने कोर्ट में अपनी बात रखी थी।
इस फैसले का सबसे बड़ा मोड़ सह-आरोपियों को लेकर आया है। इससे पहले निचली अदालत ने सह-आरोपी शिल्पी और शरदचंद को 20-20 साल की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। हाईकोर्ट ने आज बड़ा फैसला देते हुए सह-आरोपी शिल्पी और शरदचंद्र को सजा से पूरी राहत दे दी है और उन्हें केस से बरी कर दिया है।
जोधपुर हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद आसाराम समर्थकों में जहाँ एक तरफ गैंग रेप की धारा हटने और सह-आरोपियों के बरी होने से थोड़ी राहत है, वहीं मुख्य सजा बरकरार रहने से आसाराम के जेल से बाहर आने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट परिसर के बाहर इस फैसले को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए।