नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठन महामंत्री बी एल संतोष ने तमिलनाडु के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार कोई भी बनाए, लेकिन अंत में देश के मुख्य विपक्षी दल को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा।
इस पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा विधायकों को ‘‘खरीदने’’ के लिए राज्यपाल का इस्तेमाल कर रही है और उसे जरूर शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी क्योंकि तमिलनाडु की जनता विजय और कांग्रेस के साथ है।
संतोष ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘तमिलनाडु में कौन सरकार बनाएगा यह तो समय ही बताएगा। लेकिन एक बात तो सुनिश्चित है कि अंत में कांग्रेस को शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी।’’
लोकसभा में कांग्रेस के सचेतक टैगोर ने उनके पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता तय करती है कि सरकार किसकी बनेगी और तमिलनाडु के लोगों ने पहले ही फैसला कर लिया कि विजय मुख्यमंत्री होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा समय जाया करने और विधायकों को ‘खरीदने’ के लिए राज्यपाल का इस्तेमाल कर रही है। चिंता न करें, लोग हमारे साथ हैं और आप जैसे (भाजपा) खरीदारों को शर्मिंदगी जरूर झेलनी पड़ेगी।’’
तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस पहले ही टीवीके को समर्थन दे चुकी है, जिसके पास पांच विधायक हैं।
विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीतीं, जबकि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को 59, अन्ना द्रमुक को 47, कांग्रेस को पांच, पीएमके को चार, आईयूएमएल को दो, भाकपा को दो, माकपा को दो और वीसीके को दो सीटें मिलीं। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), डीएमडीके और एएमएमके को एक-एक सीट मिली।
टीवीके प्रमुख विजय को जीती गई दो सीटों में से एक सीट से इस्तीफा देना होगा।
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