लखनऊ, आठ मई (भाषा) पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में क्रमश: तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को करारी शिकस्त मिलने के बाद, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने एकजुटता का संदेश देते हुए शुक्रवार को कहा कि वह मुश्किल समय में उनका ‘‘साथ नहीं छोड़ेंगे।’’
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें।’’
यादव ने तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन के साथ अपनी हालिया मुलाकात की तस्वीरें भी पोस्ट कीं।
दोनों निवर्तमान मुख्यमंत्री — बनर्जी और स्टालिन — हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में अपनी-अपनी सीट भी हार गए।
यादव की यह पोस्ट काफी मायने रखती है क्योंकि बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद सपा प्रमुख ने बृहस्पतिवार को कोलकाता में ममता बनर्जी से मुलाकात कर उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की थी।
तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ममता के कालीघाट स्थित आवास पर अखिलेश का स्वागत किया था।
यह मुलाकात सियासी लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद विपक्षी दल अपनी रणनीतियों पर फिर से विचार कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि ममता से मुलाकात में अखिलेश ने बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ विपक्षी एकता के लिए अपने समर्थन को दोहराया।
अखिलेश ने आरोप लगाया था कि बंगाल में चुनाव ‘‘उत्तर प्रदेश मॉडल’’ की तर्ज पर ‘‘डरा-धमका’’ कर और ‘‘हेरफेर’’ कर कराये गए।
वहीं, ममता ने पश्चिम बंगाल चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प लिया है।
भाषा
जफर सुभाष
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