नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और उसकी अनुषंगी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड… नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रस्तावित 30,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के जरिये एक्सचेंज में अपनी कुल एक प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेच सकते हैं।
एसबीआई के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि बैंक एनएसई के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में हिस्सा लेगा और अपनी 0.65 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस विनिवेश में भाग ले रहे हैं। एसबीआई का 0.65 प्रतिशत और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स का 0.35 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव है। दोनों के पास हिस्सेदारी है, इसलिए एसबीआई समूह के स्तर पर यह करीब एक प्रतिशत होगी। हालांकि, अन्य शेयरधारकों के शामिल होने पर यह हिस्सेदारी कम भी हो सकती है।’’
फिलहाल एसबीआई के पास एनएसई में 3.23 प्रतिशत और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स के पास 4.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
शेट्टी ने स्पष्ट किया कि निकट भविष्य में बैंक की अन्य अनुषंगियों में हिस्सेदारी के मौद्रीकरण की कोई योजना नहीं है।
पिछले महीने एसबीआई ने अपने विदेशी साझेदार अमुंडी के साथ मिलकर एसबीआई म्यूचुअल फंड में करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश किया था। देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी का 9,800 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निर्गम 42 गुना अभिदान के साथ सफल रहा था।
इस सौदे के बाद एसबीआई की एसबीआई म्यूचुअल फंड में हिस्सेदारी 61.76 प्रतिशत से घटकर 55.46 प्रतिशत रह गई, जबकि अमुंडी की हिस्सेदारी 3.7 प्रतिशत घटकर 32.56 प्रतिशत पर आ गई।
शेट्टी ने कहा कि आवास ऋण के क्षेत्र में मजबूत मांग के चलते एसबीआई का गृह ऋण पोर्टफोलियो चालू तिमाही में 10 लाख करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि हम इसी तिमाही में 10 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच जाएंगे।’’
देश के सबसे बड़े ऋणदाता ने पिछले वित्त वर्ष में ही नौ लाख करोड़ रुपये के आवास ऋण पोर्टफोलियो का आंकड़ा पार कर लिया था।
शेट्टी के अनुसार, आवास ऋण खंड में एसबीआई की बाजार हिस्सेदारी करीब 28 प्रतिशत है। बैंक ने देशभर में ग्राहकों के लिए आवास ऋण को अधिक सुलभ बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके तहत देशभर में उसके 460 से अधिक गृह ऋण प्रसंस्करण केंद्र हैं।
भाषा अजय अजय
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