शशिकला ने अन्नाद्रमुक पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के प्रयासों, राजनीति में वापसी के संकेत दिये

शशिकला ने अन्नाद्रमुक पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के प्रयासों, राजनीति में वापसी के संकेत दिये

शशिकला ने अन्नाद्रमुक पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के प्रयासों, राजनीति में वापसी के संकेत दिये
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: May 30, 2021 1:55 pm IST

चेन्नई, 30 मई (भाषा) दो साल पहले अन्नाद्रमुक पर से पकड़ खो चुकीं वी के शशिकला ने अपने समर्थकों से कहा है कि जल्द ही एक ‘अच्छा निर्णय’ लिया जाएगा। उनकी इस टिप्पणी को पार्टी पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के प्रयासों और राजनीति में वापसी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

शशिकला ने छह अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले घोषणा की थी कि वह राजनीति से दूर रहेंगी। अब उन्होंने कहा कि वह पार्टी को ”अंतर्कलह” के कारण बर्बाद होते नहीं देख सकतीं।

शशिकला ने अंतर्कलह वाली बात में भले ही प्रत्यक्ष रूप से अन्नाद्रमुक या इसके नेतृत्व के बारे में कुछ न कहा हो, लेकिन इसे पार्टी के दो शीर्ष नेताओं के पलानीस्वामी और ओ पनीरसेल्वम के बीच कथित मतभेद पर की गई टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे जयललिता की विश्वासपात्र रहीं शशिकला की फोन पर अपने दो वफादार नेताओं से हुई संक्षिप्त बातचीत में यह बात सामने आई है।

पहली ऑडियो क्लिप में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, ”हम निश्चित रूप से पार्टी को सुव्यवस्थित कर लेंगे। मैं आऊंगी।”

दूसरी ऑडियो क्लिप में वह अन्नाद्रमुक की ओर इशारा करते हुए अपने समर्थक से कहती हैं कि पार्टी नेताओं की कड़ी मेहनत से खड़ी हुई है, जिसमें वह भी शामिल हैं और ”उन्हें लड़ते हुए” देखकर दुख होता है तथा वह इसके चलते मूकदर्शक बनकर पार्टी को बर्बाद होते नहीं देख सकतीं।

शशिकला ने कहा कि वह कोरोना वायरस की दूसरी लहर के हल्का पड़ते ही आएंगी और समर्थकों से मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि जल्द ही अच्छा निर्णय लिया जाएगा।

साल 2017 में आय से अधिक संपत्ति मामले में सजा मिलने के बाद शशिकला को जेल भेज दिया गया था। दो साल पहले उन्हें और उनके भांजे दिनाकरण ने पार्टी पर से अपनी पकड़ खो दी थी। ऐसे में उनके इस बयान को पार्टी पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के प्रयास के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। शशिकला को इस साल जनवरी में जेल से रिहा किया गया था।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में