इस्लामिक विद्वान के खिलाफ सतीशन की फेसबुक पोस्ट गायब; सीएमओ ने बताया तकनीकी खराबी

इस्लामिक विद्वान के खिलाफ सतीशन की फेसबुक पोस्ट गायब; सीएमओ ने बताया तकनीकी खराबी

इस्लामिक विद्वान के खिलाफ सतीशन की फेसबुक पोस्ट गायब; सीएमओ ने बताया तकनीकी खराबी
Modified Date: September 3, 2026 / 06:54 pm IST
Published Date: September 3, 2026 6:54 pm IST

तिरुवनंतपुरम, दो सितंबर (भाषा) करेलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन द्वारा वरिष्ठ इस्लामिक विद्वान कांतापुरम ए. पी. अबूबकर मुसलियार की कथित महिला विरोधी टिप्पणियों की आलोचना करने वाली एक पोस्ट उनके फेसबुक पेज से गायब हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बृहस्पतिवार को इसे तकनीकी खराबी करार दिया।

यह पोस्ट फेसबुक और इंस्टाग्राम दोनों पर साझा की गई थी। अब यह सतीशन के फेसबुक अकाउंट पर उपलब्ध नहीं है, लेकिन उनके इंस्टाग्राम पेज पर अब भी देखी जा सकती है।

सूत्रों ने बताया कि फेसबुक पेज पर सतीशन के बुधवार के पत्रकार सम्मेलन का एक हिस्सा (वीडियो) साझा किया गया था, जिसमें उन्होंने धर्मगुरु की आलोचना की थी। यही वीडियो उनके इंस्टाग्राम पेज पर भी उपलब्ध है।

कांतापुरम से जुड़े सुन्नी मुस्लिम नेताओं के विरोध के बाद पोस्ट हटाए जाने की खबरों को खारिज करते हुए एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि इंस्टाग्राम और फेसबुक के बीच जुड़ाव के कारण आई तकनीकी समस्या के चलते यह पोस्ट फेसबुक से गायब हुई है। सुन्नी नेताओं ने बुधवार को पत्रकार सम्मेलन के तुरंत बाद सीएमओ में सतीशन से मुलाकात की थी।

सूत्र ने कहा, ‘विद्वान के बयान की आलोचना करने वाली पोस्ट अब भी इंस्टाग्राम पर उपलब्ध है। अगर सीएमओ उस पोस्ट को हटाना चाहता, तो उसे सभी सोशल मीडिया मंचों से हटा दिया जाता। इसके अलावा, पूरे पत्रकार सम्मेलन का वीडियो फेसबुक पर मौजूद है। इसलिए, इसके विपरीत आ रही खबरें भ्रामक हैं।’

इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे पर सतीशन की आलोचना की है।

सीएमओ के स्पष्टीकरण का मजाक उड़ाते हुए माकपा नेता पी. राजीव ने कहा कि ऐसा लगता है कि मेटा के भीतर कोई ‘बरमूडा त्रिभुज’ है, जिसमें सतीशन से जुड़ी हर चीज अपने आप गायब हो जाती है।

राजीव ने संवाददाताओं से कहा, ‘उनका कार्यालय कहता है कि केवल करेलम में कोई विशेष प्रणाली काम कर रही है जो दुनिया में कहीं और मौजूद नहीं है। उनसे जुड़ी हर चीज अपने आप गायब होती दिखती है। मेटा के पास ऐसा बरमूडा त्रिभुज है।’

भाजपा के करेलम प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि फेसबुक पोस्ट वापस ली गई है और इस कदम को ‘पाखंड’ व ‘निर्लज्जता’ करार दिया।

चंद्रशेखर ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘अगर पाखंड का कोई दूसरा नाम है, तो वह कांग्रेस है। अगर निर्लज्जता का कोई नाम है, तो वह भी कांग्रेस है। महिला अधिकारों पर कांतापुरम मुसलियार की आलोचना करने वाली पोस्ट को वापस लेकर यह स्पष्ट हो गया है कि महिला सशक्तीकरण को लेकर वी. डी. सतीशन के दावे कितने खोखले हैं।’

उन्होंने आरोप लगाया कि जैसा कि भाजपा ने पहले चेतावनी दी थी, अब यह स्पष्ट हो गया है कि करेलम में फैसले कांग्रेस नहीं, बल्कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी करती हैं।

इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा था कि न तो संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार और न ही पार्टी कांतापुरम के रुख के साथ खड़ी होगी।

सतीशन की टिप्पणियों पर कांतापुरम के नेतृत्व वाले सुन्नी समूह से जुड़े संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और उनसे माफी की मांग भी की थी।

भाषा सुमित माधव

माधव


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