न्यायालय आप विधायक विशेष रवि के निर्वाचन के खिलाफ याचिका पर विचार करने को सहमत
न्यायालय आप विधायक विशेष रवि के निर्वाचन के खिलाफ याचिका पर विचार करने को सहमत
नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को भाजपा नेता योगेंद्र चंदोलिया की उस याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई जिसमें फरवरी 2020 में दिल्ली के करोल बाग विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशी विशेष रवि के निर्वाचन को चुनौती दी गई है।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ चंदोलिया की अपील पर रवि को नोटिस जारी किया।
चंदोलिया की ओर से शीर्ष अदालत में पेश हुए वकील ने कहा कि इसमें कानून से जुड़ा एक प्रश्न शामिल है।
वकील ने कहा, ‘‘क्या फॉर्म 26 में शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत जानकारी देना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(4) के दायरे में आएगा?’’
उच्च न्यायालय ने 4 मई को चंदोलिया की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह अब निरर्थक हो गई है, क्योंकि 2020 में चुनी गई विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो चुका है और 2025 में नये चुनाव कराए गए।
वर्ष 2020 में दायर अपनी चुनाव याचिका में, करोल बाग से रवि के खिलाफ भाजपा उम्मीदवार चंदोलिया ने आरोप लगाया था कि आप विधायक के चुनावी हलफनामे में बताई गई शैक्षणिक योग्यता गलत थी।
चंदोलिया ने आरोप लगाया था कि रवि का यह दावा झूठा है कि उन्होंने 2003 में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से 10वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
इसलिए, उन्होंने मांग की थी कि करोल बाग सीट के चुनाव नतीजे को रद्द घोषित किया जाए।
भाषा सुभाष नरेश
नरेश

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