न्यायालय ने कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई के लिए सुनैना शर्मा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया
न्यायालय ने कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई के लिए सुनैना शर्मा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया
नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) उच्चतम ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा की अधिकारी सुनैना शर्मा को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच किए जा रहे कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई करने के लिए नियुक्त किया।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष लोक अभियोजक और वरिष्ठ अधिवक्ता आर एस चीमा की इन दलीलों पर गौर किया कि मौजूदा विशेष सीबीआई न्यायाधीश संजय बंसल को 8 अप्रैल 2025 को छह महीने की अवधि के लिए पद पर बने रहने की अनुमति दी गई थी।
चीमा ने कहा कि तब से आठ महीने से अधिक समय बीत चुका है और पीठासीन अधिकारी अब कोयला घोटाला मामलों में सुनवाई करने के कार्य से मुक्त किये जाने का अनुरोध कर रहे हैं।
पीठ ने उल्लेख किया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने बंसल के स्थान पर तीन न्यायिक अधिकारियों के नामों की एक सूची प्रस्तुत की है।
प्रधान न्यायाधीश ने आदेश दिया, ‘‘हम सुनैना शर्मा को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम/सीबीआई/कोयला ब्लॉक आवंटन मामलों के लिए) नियुक्त करते हैं। उच्च न्यायालय किसी भी आपात स्थिति में उपरोक्त न्यायाधीश के स्थान पर किसी और की नियुक्ति करने के लिए स्वतंत्र है।’’
न्यायालय ने अपनी रजिस्ट्री को कोयला घोटाला मामलों से संबंधित याचिकाओं को उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का भी निर्देश दिया।
आठ अप्रैल 2025 को पीठ ने सीबीआई के एक अन्य विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज को उनके पद से मुक्त कर उनकी जगह धीरज मोर को नियुक्त किया था।
मोर ने ‘‘विशेष न्यायाधीश (पुलिस अधिनियम/ सीबीआई/ कोयला ब्लॉक मामले) और अन्य संबंधित मामलों’’ के रूप में कार्यभार संभाला था।
नये आदेशों के अनुसार, अब मोर और सुनैना शर्मा सभी लंबित कोयला घोटाला मामलों की सुनवाई करेंगे।
पिछले साल जून में उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई द्वारा दायर भ्रष्टाचार के कुल 29 मामले, वर्तमान में कोयला घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित दो विशेष अदालतों के समक्ष लंबित हैं, जबकि अब तक 27 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप

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