न्यायालय ने सीबीएसई से अगले साल से कक्षा छह के लिए त्रि-भाषा नीति लागू करने पर विचार करने को कहा

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न्यायालय ने सीबीएसई से अगले साल से कक्षा छह के लिए त्रि-भाषा नीति लागू करने पर विचार करने को कहा

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 05:13 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 05:13 PM IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को सीबीएसई से 2027 से शुरू होने वाले अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा छह के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करने की नीति लागू करने पर विचार करने को कहा।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बताया कि बोर्ड इस सुझाव पर विचार करेगा।

न्यायमूर्ति बागची ने शुरुआत में कहा कि बच्चों को राहत देने के लिए सीबीएसई को अगले शैक्षणिक सत्र से त्रि-भाषा नीति लागू करने को टालने पर विचार करना चाहिए।

न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि यदि वर्तमान में कक्षा छह में पढ़ रहे छात्र इस वर्ष से तीन भाषाओं का अध्ययन करना चाहते हैं तो उन्हें इसकी अनुमति दी जा सकती है।

भाटी ने कहा कि सीबीएसई इस सुझाव पर विचार करेगा और इस मुद्दे पर नया नोट पेश करेगा।

पीठ ने कहा कि उसके सुझाव पक्षकारों के अधिकारों और दावों को प्रभावित किए बिना दिए गए हैं तथा वास्तविक मुद्दों पर बाद में फैसला किया जा सकता है।

इससे पहले केंद्र और सीबीएसई ने पीठ को बताया था कि वे कक्षा छह के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं के अध्ययन को अनिवार्य करने वाली नीति लागू करने के संबंध में उसके सुझावों पर काम कर रहे हैं।

शीर्ष अदालत ने 27 मई को इस नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई थी और केंद्र, सीबीएसई तथा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से जवाब मांगा था।

सीबीएसई की ओर से जारी एक परिपत्र के अनुसार, एक जुलाई से कक्षा नौ के छात्रों के लिए कम से कम दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया गया है।

सीबीएसई ने अपने बयान में कहा था, ‘‘कक्षा नौ के प्रत्येक छात्र को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा। इन तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होंगी। भारतीय भाषाओं के उदाहरण हैं- हिंदी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी, बांग्ला, पंजाबी, गुजराती, ओड़िया, असमिया आदि। गैर-मूल भाषाओं के उदाहरण हैं- अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, अरबी, स्पेनिश आदि।’’

कक्षा छह के लिए दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किया गया है। वहीं, कक्षा सात, आठ और नौ के उन छात्रों को कुछ छूट दी गई है, जो पहले से दो गैर-भारतीय भाषाओं का अध्ययन कर रहे हैं।

भाषा शफीक नरेश

नरेश