दिव्यांगता आयोग की सिफारिशों के अनुपालन संबंधी याचिका पर न्यायालय का केंद्र को नोटिस
दिव्यांगता आयोग की सिफारिशों के अनुपालन संबंधी याचिका पर न्यायालय का केंद्र को नोटिस
नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने दिव्यांगता आयोगों की सिफारिशों के प्रभावी और समयबद्ध अनुपालन के लिए अधिकारियों को दिशानिर्देश देने संबंधी याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने वकील शशांक पांडे की जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
अधिवक्ता तलहा अब्दुल रहमान के जरिये दायर याचिका में 2016 के संबंधित अधिनियम में दिए गए शिकायत निवारण तंत्र में कार्यान्वयन संबंधी खामियों को दूर करने के लिए उच्चतम न्यायालय से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है।
इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राहुल बजाज पेश हुए।
पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख तय की और इस याचिका को इसी तरह के मुद्दे पर लंबित एक अन्य याचिका के साथ संलग्न कर दिया।
याचिका में कहा गया है कि अधिनियम में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए मुख्य आयुक्त और राज्य आयुक्तों की नियुक्ति का प्रावधान है और इन दोनों कार्यालयों का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और अर्ध-न्यायिक प्राधिकरणों के रूप में कार्य करना है।
याचिका में कहा गया है कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, मुख्य आयुक्त और राज्य आयुक्तों को सिफारिशें करने का अधिकार दिया गया है, जिनका पालन संबंधित अधिकारियों को तीन महीने के भीतर करना अनिवार्य है।
इसमें कहा गया है कि अधिकारी सिफारिशों का पालन करने से इनकार कर सकते हैं, बशर्ते वे दिव्यांगता आयोग और पीड़ित व्यक्ति को इसका कारण बताएं।
याचिका में कहा गया है, ‘‘हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश मामलों में, अधिकारी न तो दिव्यांगता आयोगों की सिफारिशों का पालन करना चाहते हैं और न ही इसके लिए कोई कारण बताते हैं।’’
भाषा प्रशांत सुरेश
सुरेश

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