न्यायालय ने सीएपीएफ अवमानना मामले को वाद सूची से हटाने पर रजिस्ट्री से मांगा स्पष्टीकरण

न्यायालय ने सीएपीएफ अवमानना मामले को वाद सूची से हटाने पर रजिस्ट्री से मांगा स्पष्टीकरण

न्यायालय ने सीएपीएफ अवमानना मामले को वाद सूची से हटाने पर रजिस्ट्री से मांगा स्पष्टीकरण
Modified Date: September 30, 2026 / 12:45 am IST
Published Date: September 30, 2026 12:45 am IST

नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को अपनी रजिस्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा कि पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में 46 आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से जुड़ी अवमानना ​​याचिकाओं को वाद सूची से क्यों हटा दिया गया, जबकि अदालत ने आदेश दिया था कि इस मामले पर दोपहर दो बजे सुनवाई की जाए।

न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां और न्यायमूर्ति ए. एस. चंदूरकर की पीठ ने निर्देश दिया कि इन मामलों को संबंधित याचिकाओं के साथ बुधवार को दोपहर दो बजे फिर से सूचीबद्ध किया जाए। साथ ही, रजिस्ट्री को यह बताने का आदेश दिया कि अदालत के आदेश के बावजूद मामले को सूची से क्यों हटाया गया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गुरु कृष्णकुमार पीठ के संज्ञान में यह मामला लाये।

कृष्णकुमार ने पीठ को बताया कि सूची में 32वें क्रम पर शामिल मामले को दोपहर करीब 12 बजे वाद सूची से हटा दिया गया और पक्षकारों को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई।

अवमानना कार्यवाही केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के खिलाफ उच्चतम न्यायालय के 23 मई, 2025 के संजय प्रकाश एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले में दिए गए फैसले का कथित रूप से पालन नहीं किए जाने को लेकर शुरू की गई है।

भाषा आशीष अमित

अमित


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