न्यायालय ने एससीबीए के पदाधिकारियों के चुनाव में उपाध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया

न्यायालय ने एससीबीए के पदाधिकारियों के चुनाव में उपाध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया

न्यायालय ने एससीबीए के पदाधिकारियों के चुनाव में उपाध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया
Modified Date: April 27, 2026 / 08:28 pm IST
Published Date: April 27, 2026 8:28 pm IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि ‘उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन’ (एससीबीए) में उपाध्यक्ष का पद इसकी कार्यकारी समिति के आगामी चुनाव में महिला सदस्यों के लिए आरक्षित रहेगा।

शीर्ष अदालत ने मई 2025 में निर्देश दिया था कि 2025-26 के चुनाव में, एससीबीए सचिव का पद विशेष रूप से एक महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित रहेगा।

इससे पहले मई 2024 में, न्यायालय ने कहा था कि 2024-2025 के एससीबीए चुनाव में कार्यकारी समिति के कोषाध्यक्ष का पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा।

उस समय न्यायालय ने निर्देश दिया था कि बार की महिला सदस्यों के लिए आरक्षण की व्यवस्था इस तरह की होगी– कार्यकारी समिति में कम से कम एक तिहाई सीटें, यानी नौ में से तीन, और वरिष्ठ कार्यकारी सदस्यों में कम से कम एक तिहाई, यानी छह में से दो।

महिला वकीलों के लिए सीटें आरक्षित करने का यही फार्मूला बाद में देश की अन्य बार संस्थाओं में भी अपनाया गया।

न्यायालय एससीबीए चुनाव में सुधारों से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रहा था।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने सोमवार को कहा कि एससीबीए 29 मई तक चुनाव समिति को अधिसूचित करेगा।

पीठ ने कहा कि चुनाव समिति 13 जुलाई को चुनाव कार्यक्रम अधिसूचित करेगी।

शीर्ष अदालत ने उल्लेख किया कि एससीबीए ने आगामी चुनाव में उपाध्यक्ष पद को बार की महिला सदस्यों के लिए आरक्षित करने के सुझाव को सहर्ष स्वीकार कर लिया है।

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश


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