School Summer Vacation News | Photo Credit: AI
नई दिल्ली: अप्रैल का महीना अब खत्म हो गया है। जिसके बाद मई महीने की शुरुआत हो चुकी है। पिछले महीने में भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया था। पूरे अप्रैल में तापमान तेजी से बढ़ गया था। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं मई महीने में भी कई हिस्सों में तापमान लगातार बड़ रही है। बात करें देश की राजधानी दिल्ली की तो यहां पारा लगातार चढ़ रहा है। अप्रैल के अंत में यहां तापमान 40 डिग्री के ऊपर तक गया था। हालांकि अभी गर्मी से थोड़ी राहत है, लेकिन मौसम कभी भी बदल सकता है। जिसको देखते हुए दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने छात्रों के लिए बड़ी राहत दी है। सरकार ने स्क्लों मे गर्मी छुट्टियों का ऐलान (School Summer Vacation News) कर दिया है।
शिक्षा निदेशालय (डीओई) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में 11 मई से 30 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। यानी बच्चों को पूरे 50 दिनों की लंबी छुट्टी मिलेगी (New Delhi School Summer Vacation Latest Order) हालांकि इस दौरान कक्षा 9वीं, 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए विशेष रिमेडियल यानी उपचारात्मक कक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी, ताकि कमजोर छात्रों की पढ़ाई में सुधार हो सके और उनके सीखने के स्तर को बेहतर बनाया जा सके।
Delhi | All govt schools will observe summer vacation from 11th of May. However, remedial classes for class IX , X and XII shall be organised from Monday, 11th May. pic.twitter.com/XQqUUKH7iW
— ANI (@ANI) May 8, 2026
शिक्षा विभाग के मुताबिक, रिमेडियल कक्षाएं 11 मई 2026 से 23 मई 2026 तक चलेंगी। विभाग ने बताया कि शिक्षकों के लिए स्कूल आने का समय सुबह 7:20 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा, जबकि छात्रों के लिए कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से 10:30 बजे तक संचालित होंगी। डीओई के निर्देशों के अनुसार,सभी पीरियड की अवधि एक घंटे की होगी। कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए मुख्य रूप से गणित और विज्ञान विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हालांकि स्कूल के प्रधानाचार्य यानी हेड ऑफ स्कूल (HoS) जरूरत के अनुसार अन्य विषय भी शामिल कर सकेंगे। इसके लिए छात्रों के परीक्षा परिणाम, पढ़ाई की जरूरत और शिक्षकों की उपलब्धता को ध्यान में रखा जाएगा। (New Delhi School Summer Vacation Latest Order) कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए किन विषयों की रिमेडियल कक्षाएं होंगी, इसका फैसला भी स्कूल प्रमुख ही करेंगे।