हवाना, नौ मई (एपी) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने क्यूबा पर नए प्रतिबंध लगाने के अमेरिकी प्रशासन के फैसले का बचाव किया है।
बृहस्पतिवार को घोषित इन प्रतिबंधों में सबसे बड़ा प्रतिबंध जीएईएसए यानी ‘ग्रुपो डे एडमिनिस्ट्रेसिओन एम्प्रेसारियल एस.ए.’ पर लगाया गया है। यह क्यूबा के क्रांतिकारी सशस्त्र बलों द्वारा संचालित एक कारोबारी समूह है।
जीएईएसए और उसके प्रमुख के अलावा मोआ निकेल पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। मोआ निकेल, कनाडा की शेरिट इंटरनेशनल के साथ क्यूबा का संयुक्त उपक्रम है। शेरिट इंटरनेशनल ने प्रतिबंध लगाए जाने के तुरंत बाद घोषणा की कि वह इस कारोबार से अलग हो जाएगी जिससे क्यूबा में उसकी 32 साल पुरानी मौजूदगी समाप्त हो जाएगी।
अमेरिका ने जनवरी से क्यूबा को ईंधन की आपूर्ति रोक रखी है जिससे वहां आर्थिक संकट और गहरा गया है।
रूबियो ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि ये प्रतिबंध क्यूबा की जनता पर नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने जीएईएसए को ऐसी कंपनी बताया, जो ‘‘क्यूबा में धन कमाने वाली हर चीज को अपने नियंत्रण में लेकर उसे शासन से जुड़े कुछ लोगों की जेब में अवैध रूप से डाल रही है।’’
क्यूबा के अधिकारियों का कहना है कि ये प्रतिबंध ‘‘सामूहिक दंड’’ हैं और इनका उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था का गला घोंटना है। उनका तर्क है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की नीतियां राजनीतिक दबाव बनाने के लिए क्यूबा की जनता के कल्याण की अनदेखी करती हैं।
एपी सिम्मी गोला
गोला