पूरे राज्य में बंद होंगे स्कूल? कारों पर भी लगेगी रोक? राजधानी में छा रहा बड़ा संकट

बीते साल भी नवंबर के आखिर में प्रदूषण काफी बढ़ गया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा था कि खतरनाक प्रदूषण के बीच बच्चों को स्कूल जाने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है

पूरे राज्य में बंद होंगे स्कूल? कारों पर भी लगेगी रोक? राजधानी में छा रहा बड़ा संकट

Schools will be closed across the state

Modified Date: November 29, 2022 / 07:52 pm IST
Published Date: November 2, 2022 11:24 am IST

Schools will be closed across the state: नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। यहां मंगलवार से धुंध और धुएं की परत जमी हुई है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेज रहे माता-पिता भी उनकी सेहत को लेकर सोच में पढ़ गए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि अगर प्रदूषण ऐसे ही बना रहा तो क्या स्कूल भी बंद हो सकते हैं? पिछले साल भी वायु प्रदूषण गंभीर स्थिति में पहुंचने के बाद स्कूलों को बंद करने की नौबत आ गई थी।

बीते साल भी नवंबर के आखिर में प्रदूषण काफी बढ़ गया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा था कि खतरनाक प्रदूषण के बीच बच्चों को स्कूल जाने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है? इसके बाद 2 दिसंबर 2021 को दिल्ली के सभी स्कूलों को बंद करने आदेश जारी किया गया था। उस दिन दिल्ली में AQI 350 के करीब, नोएडा में 500 से ज्यादा था।

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एक्सपर्ट की मानें तो पंजाब में पराली जलाए जाने और हवाओं की धीमी रफ्तार से चलने के कारण मंगलवार को दिल्ली की हवा 10 महीने में सबसे ज्यादा खराब स्थिति में पहुंच गई। मंगलवार शाम चार बजे समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 424 पहुंच गया था, जो 26 दिसंबर 2021 (459) के बाद सबसे खराब है।

दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर के कारण स्कूली बच्चों की सुरक्षा चिंता का विषय है, अभी तक दिल्ली की राज्य सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। बच्चे स्कूल आने जाने में, खेल के मैदानों में ज़हरीली हवा के चपेट में हैं। ये लापरवाही ग़लत है, इस पर NCPCR नोटिस जारी कर रहा है।

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हालाकि अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार तक वायु गुणवत्ता सुधर सकती है और ऐसे में अभी चौथे चरण की पाबंदियां लागू नहीं की जा रही हैं। निर्माण कार्य पहले से ही बंद हैं। चौथे चरण में शहर में ट्रकों की एंट्री पर बैन लगने के साथ ही सभी डीजल गाड़ियों पर बैन लग जाती है। फिलहाल दिल्ली में ग्रैप का तीसरा चरण लागू है।

ग्रैप के अंतिम चरण में क्या-क्या बैन होगा?

जरूरी सामान लेकर आने वाले ट्रक ही राजधानी में आ सकेंगे(सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों को छूट)
डीजल से चलने वाले मध्यम और बड़े ट्रक नहीं चल सकेंगे (जरूरी सामानों की सप्लाई से जुड़े ट्रकों को छूट)
डीजल से चलने वाली कारों पर दिल्ली और इससे जुड़े शहरों में रोक (बीएस-6 और जरूरी सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को छूट)
एनसीआर में पीएनजी के अलावा अन्य ईंधन का इस्तेमाल करने वाली सभी इंडस्ट्री बंद, फिर चाहे वहां पीएनजी सप्लाई है या नहीं है
निर्माण और तोड़ के पब्लिक प्रोजेक्ट भी बंद। इसमें हाइवे, सड़के, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पावर ट्रांसमिशन, पाइपलाइन आदि से जुड़े काम भी शामिल हैं
दिल्ली-एनसीआर की राज्य सरकारें फैसला कर सकती हैं कि अपने ऑफिस और प्राइवेट ऑफिस में 50 प्रतिशत कर्मियों को वर्क फ्रॉम होम दें
केंद्र सरकार भी फैसला कर सकता है कि वह अपने ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम लागू करे
राज्य सरकारें स्कूल, कॉलेज, संस्थान, गाड़ियों पर ऑड ईवन आदि से जुड़े फैसले ले सकती हैं।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com