कोलकाता, तीन मार्च (भाषा) ‘डोल यात्रा’ और होली के त्योहार के मद्देनजर पूरे कोलकाता में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने उत्सव मनाने वालों को नशे की हालत में नदियों में प्रवेश नहीं करने की चेतावनी दी है।
पुलिस ने कहा है कि उत्पीड़न और अव्यवस्था की घटना के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि त्योहार के दौरान नशे की हालत में स्नान करने की घटनाओं को रोकने के लिए घाटों पर कड़ी निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि शराब के नशे में कोई भी गंगा या किसी अन्य जल निकाय में स्नान करने के लिए प्रवेश न करे।’’
अधिकारियों ने अनिच्छुक व्यक्तियों पर, विशेष रूप से चलती गाड़ियों से, जबरदस्ती रंग लगाने के खिलाफ भी चेतावनी दी है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘यदि कोई भी सड़कों पर अभद्र व्यवहार करते हुए पाया जाता है, तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’’
कोलकाता पुलिस ने कई अभियान चलाए हैं, जिनमें नागरिकों से आवारा कुत्तों या अन्य जानवरों पर रंग न लगाने का आग्रह किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मंगलवार और बुधवार को पूरे शहर में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उत्सव के दौरान शहर भर में लगभग 4,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए संयुक्त आयुक्त और उपायुक्त रैंक के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि लगभग 400 पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी, जिनमें से 86 संवेदनशील स्थानों पर होंगी और प्रत्येक चौकी पर छह पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
इसके अतिरिक्त 312 चौकियों पर तीन-तीन पुलिसकर्मी तैनात होंगे।
उन्होंने कहा कि होली समारोह की आड़ में जबरन रंग लगाने या छेड़छाड़ की शिकायतों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा संतोष मनीषा
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