सेवाश्रय शिविर ‘घोटाला’ है, दोषियों को पकड़ने के लिए जांच जारी: शुभेंदु

Ads

सेवाश्रय शिविर 'घोटाला' है, दोषियों को पकड़ने के लिए जांच जारी: शुभेंदु

  •  
  • Publish Date - July 25, 2026 / 04:00 PM IST,
    Updated On - July 25, 2026 / 04:00 PM IST

कोलकाता, 25 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य विधानसभा में शनिवार को कहा कि सरकार तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी द्वारा शुरू किए गए ‘सेवाश्रय’ शिविरों से जुड़े एक बड़े घोटाले के दोषियों को पकड़ने के लिए पूरी कोशिश कर रही है।

यह शिविर जरूरतमंदों को नि:शुल्क चिकित्सकीय मदद देने के लिए आयोजित किया गया था।

अधिकारी ने विधायक देबांग्शु पांडा द्वारा ‘सेवाश्रय’ शिविरों के बारे में लगाए गए आरोपों पर सदन में बयान देते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य की सीआईडी (अपराध जांच विभाग), एटीएफ (विशेष कार्य बल) और दक्षिण 24 परगना जिले की पुलिस, चिकित्सकीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस मामले की व्यापक जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शिविरों में पीड़ित हुए लोगों की हर शिकायत को प्राथमिकी के तौर पर दर्ज किया जा रहा है और उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस मामले में दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर पुलिस थाने में कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

शुभेंदु ने सदन के समक्ष तस्वीरें पेश करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के तहत कथित गैर-कानूनी कामों की वजह से एक बच्चे ने हाथ गंवा दिया, एक अन्य बच्चा शारीरिक रूप से विकलांग हो गया और एक महिला का पैर काटना पड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदीग्राम और डायमंड हार्बर में निजी तौर पर आयोजित शिविरों में सरकारी अस्पतालों की यूएसजी और एक्सरे जैसी मशीनें और डॉक्टर गैर-कानूनी तरीके से ले जाए गए थे।

उन्होंने बताया कि एक मेडिकल कॉलेज के छात्र ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि उसे डॉक्टर के तौर पर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि ये कथित हरकतें हत्या के बराबर हैं।

अधिकारियों ने कहा कि आरोपी इन गंभीर आरोपों से बच नहीं पाएंगे और इसमें शामिल सभी लोगों को अदालत के कटघरे में लाया जाएगा।

उन्होंने डायमंड हार्बर अस्पताल के एक कनिष्ठ चिकित्सक का पत्र पढ़कर सुनाया जिसमें आरोप लगाया गया है कि उसे और अन्य चिकित्सकों को सेवाश्रय शिविरों में काम करने के लिए मजबूर किया गया था।

भाषा

सिम्मी सुभाष

सुभाष