तिरुवनंतपुरम, 25 जुलाई (भाषा) केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने शनिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) संशोधित वक्फ अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का प्रावधान लागू करने पर सहमति देकर ‘‘संघ परिवार की सेवा’’ कर रहे हैं।
विजयन ने आरोप लगाया कि यूडीएफ और सतीशन ने संघ परिवार के एजेंडे के आगे ‘‘खुलेआम आत्मसमर्पण’’ कर दिया है और अब वे उसी की राह पर चल रहे हैं।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ने संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री की हालिया टिप्पणियों के जवाब में यह आरोप लगाए। मुख्यमंत्री सतीशन ने विजयन पर वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों के मुद्दे पर सांप्रदायिक बयान देकर मुस्लिम समुदाय को यूडीएफ सरकार के खिलाफ भड़काने का प्रयास करने का आरोप लगाया था।
हाल में संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘‘विपक्ष के नेता ने सांप्रदायिकता फैलाने और मुस्लिम समुदाय को सरकार के खिलाफ करने के लिए भ्रामक और सांप्रदायिक टिप्पणियां की हैं। इस मुद्दे पर सरकार को बदनाम करने के विपक्ष के नेता या माकपा के ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।’’
विजयन ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि यूडीएफ सरकार और मुख्यमंत्री ने केरल को संशोधित वक्फ अधिनियम को लागू करने वाला पहला राज्य बना दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट रूप से संघ परिवार की सेवा है और इसे सभी ने देखा है। इसी कारण मुख्यमंत्री मेरे खिलाफ निराधार आरोप लगा रहे हैं। एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) सरकार ने हमेशा संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मेरा यही रुख था और आज भी मैं उसी पर कायम हूं।’’
उन्होंने कहा कि एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में केरल विधानसभा ने वक्फ अधिनियम में संशोधन का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था। इसके बावजूद मौजूदा यूडीएफ सरकार और मुख्यमंत्री ने ‘संघ परिवार के एजेंडे के आगे आत्मसमर्पण’ कर दिया।
विजयन ने सवाल किया, ‘‘क्या कांग्रेस के किसी मुख्यमंत्री को भारतीय जनता पार्टी जैसा रुख अपनाना चाहिए?’’
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