Dharmendra Pradhan Resignation News / Image Source : FILE
नई दिल्ली : Dharmendra Pradhan Resignation News : नीट (NEET) पेपर लीक मामले और जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के महीनों लंबे विरोध-प्रदर्शन के बाद आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP और प्रदर्शनकारी छात्रों ने इसे ऐतिहासिक जीत करार दिया है। खबर आते ही दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई से लेकर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और रायपुर में युवाओं और छात्रों के बीच भारी जश्न का माहौल देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना इस्तीफा साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश की एकता को बनाए रखने और छात्रों के भविष्य को कानूनी अड़चनों से बचाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इससे पहले, सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में CJP ने स्पष्ट कर दिया था कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा गैर-समझौतावादी शर्त है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर फैलते ही देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र सड़कों पर उतर आए।
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu: Protesters celebrate after the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan. pic.twitter.com/6QBryy8UUh
— ANI (@ANI) July 25, 2026
बेंगलुरु और चेन्नई में जहां युवाओं ने जश्न मनाते हुए मिठाइयां बांटी, वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी CJP कार्यकर्ताओं और छात्रों ने इसे अन्याय के खिलाफ एकजुटता की बड़ी जीत बताया है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के छात्र आंदोलन के इतिहास में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
#WATCH | Bengaluru, Karnataka | Protesters celebrate after the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan. pic.twitter.com/CKMrf85I80
— ANI (@ANI) July 25, 2026
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि “मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं। किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
उन्होंने आगे लिखा कि इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।
Dharmendra Pradhan Resignation News बता दें कि परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्ती बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया था। पेपर लीक संशोधन विधेयक (Paper Leak Amendment Bill) को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई थी। पेपर लीक विवाद और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट (Modi Cabinet) से मंजूरी दी गई। अब इस बिल को अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है।