शरद पवार, आठवले सहित 26 उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए

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शरद पवार, आठवले सहित 26 उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए

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  • Publish Date - March 10, 2026 / 12:50 AM IST,
    Updated On - March 10, 2026 / 12:50 AM IST

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शपा) प्रमुख शरद पवार और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले उन 26 उम्मीदवारों में शामिल थे, जो सोमवार को राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए।

नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद, उच्च सदन की 11 सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होंगे। बिहार में पांच, ओडिशा में चार और हरियाणा में दो सीटों के लिए चुनाव कराए जाएंगे।

बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने की संभावना है।

दस राज्यों में 37 सीटों के लिए 40 उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया था। 26 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के बाद अब 11 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं।

भाजपा अध्यक्ष नवीन ने सोमवार को बिहार, हरियाणा और ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की।

केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को बिहार चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

एक अधिसूचना में कहा गया है कि गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को हरियाणा के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया है, जबकि महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ओडिशा के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक होंगे।

बिहार में एक सीट के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा क्योंकि व्यवसायी से नेता बने राजद सांसद अमरेंद्र धारी सिंह को फिर से उम्मीदवार बनाया गया है।

बिहार से अन्य राजग उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और उपेन्द्र कुशवाह और शिवेश कुमार शामिल हैं। राजद गठबंधन के पास 25 विधायक हैं और उसे एआईएमआईएम और बसपा से छह वोट की उम्मीद है।

बिहार विधानसभा सचिव ख्याति सिंह के अनुसार, छह उम्मीदवारों में से किसी ने भी अपना नामांकन पत्र वापस नहीं लिया और एक दशक से अधिक समय बाद राज्य में पहली बार मतदान की आवश्यकता हुई।

ओडिशा में भी एक सीट के लिए मुकाबला होगा। सत्तारूढ़ भाजपा के दो उम्मीदवार – राज्य इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा राज्यसभा सदस्य सुजीत कुमार तथा विपक्षी बीजद के संतरूप मिश्रा और डॉ. दत्तेश्वर होता मैदान में हैं, जबकि दिलीप रे ने भाजपा के समर्थन से निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया है, जिससे ‘‘क्रॉस-वोटिंग’’ की संभावना बढ़ गई है।

हरियाणा में भी एक सीट के लिए दिलचस्प मुकाबले का इंतजार है, जहां पहले भी ‘‘क्रॉस वोटिंग’’ देखी गई है। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और एक सीट जीतने के लिए विपक्षी दल को प्रथम वरीयता वाले केवल 31 वोट की जरूरत है।

भाषा तान्या अविनाश

अविनाश