भारत की बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी 54.18 प्रतिशत : भूपेंद्र यादव

भारत की बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी 54.18 प्रतिशत : भूपेंद्र यादव

भारत की बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी 54.18 प्रतिशत : भूपेंद्र यादव
Modified Date: September 19, 2026 / 07:47 pm IST
Published Date: September 19, 2026 7:47 pm IST

नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को कहा कि भारत में अब स्थापित बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी 54.18 प्रतिशत हो गई है, जो 2030 के लिए निर्धारित 50 प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक है।

मंत्री ने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है और सौर ऊर्जा के विकास के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है, जो दर्शाता है कि आर्थिक विकास और जलवायु संबंधी कार्रवाई साथ-साथ आगे बढ़ सकती है।

यादव ने यहां राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा ‘‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान ये बातें कहीं।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति भारत का दृष्टिकोण उसकी सभ्यतागत सोच पर आधारित है, जिसमें पृथ्वी को साझा विरासत और पवित्र धरोहर माना जाता है।

उन्होंने टिकाऊ, लचीले और न्यायसंगत भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों के प्रति देश की प्रतिबद्धता दोहराई।

यादव ने यह भी कहा कि दुनिया के सामने विकास और पर्यावरण के बीच चयन का विकल्प नहीं है, बल्कि टिकाऊ विकास और ऐसे विकास के बीच चयन का है जिसे लंबे समय तक कायम नहीं रखा जा सकता।

भाषा शफीक संतोष

संतोष


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