Sheikh Mohammed bin Zayed India Visit: पीएम मोदी के ख़ास दोस्त और इस देश के राष्ट्रपति का आज से भारत दौरा.. पाकिस्तान में बढ़ी बेचैनी

Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan india visit: यूएई के राष्ट्रपति की यात्रा के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि व्यापार और निवेश, रक्षा उद्योग सहयोग और ऊर्जा पहलों पर भारतीय नेतृत्व के साथ वार्ता होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकात के दौरान चर्चा होने की संभावना है।

Sheikh Mohammed bin Zayed India Visit: पीएम मोदी के ख़ास दोस्त और इस देश के राष्ट्रपति का आज से भारत दौरा.. पाकिस्तान में बढ़ी बेचैनी

Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan || Image- ANI News File

Modified Date: January 19, 2026 / 08:34 am IST
Published Date: January 19, 2026 8:22 am IST
HIGHLIGHTS
  • यूएई राष्ट्रपति का भारत दौरा
  • रणनीतिक साझेदारी पर अहम बातचीत
  • पश्चिम एशिया हालात पर चर्चा

नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तौर तरीकों पर चर्चा करने के लिए आज से नई दिल्ली की यात्रा पर पहुँच रहे हैं। (Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan india visit) उनकी भारत यात्रा पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका संबंधों में आई तीव्र गिरावट, यमन को लेकर यूएई के बीच बढ़ते तनाव और गाजा में अस्थिर राजनीतिक परिदृश्य के कारण उत्पन्न स्थिति के बीच हो रही है।

यूएई के राष्ट्रपति की यात्रा के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि व्यापार और निवेश, रक्षा उद्योग सहयोग और ऊर्जा पहलों पर भारतीय नेतृत्व के साथ वार्ता होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकात के दौरान चर्चा होने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति 19 जनवरी को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। सत्ता संभालने के बाद से नाहयान की यह भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा होगी, जबकि गत 10 वर्षों में यह उनकी पांचवीं यात्रा होगी।

पीएम मोदी को ट्रम्प का न्यौता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाजा के लिए गठित किए गए अंतरराष्ट्रीय संगठन ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता दिया है। इस बोर्ड का उद्देश्य गाजा में शांति स्थापित करना, युद्ध से तबाह हुए ढांचे का पुनर्निर्माण करना और नई शासन व्यवस्था को आगे बढ़ाना है। यह पहल 15 जनवरी को ट्रंप की 20 बिंदुओं वाली शांति योजना के दूसरे चरण के तहत घोषित की गई थी।

बोर्ड ऑफ पीस का मुख्य कार्य गाजा को हथियारों से मुक्त करना, मानवीय सहायता सुनिश्चित करना, नष्ट हो चुके बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करना और एक तकनीकी फिलिस्तीनी प्रशासन की स्थापना करना है। (Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan india visit) इस प्रशासन की निगरानी नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) करेगी, जिसकी अगुआई पूर्व फिलिस्तीनी अधिकारी अली शाथ कर रहे हैं।

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इस हफ्ते घोषित होंगे बोर्ड के सदस्य

अमेरिकी दूतावास के एक अधिकारी ने 16 जनवरी को बताया था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने NCAG के गठन की घोषणा कर दी है। साथ ही यह भी कहा गया कि आने वाले दिनों में एग्जीक्यूटिव बोर्ड और गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड के अन्य सदस्यों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र के मिडिल ईस्ट के पूर्व दूत निकोलाय म्लादेनोव को गाजा के लिए हाई रिप्रेजेंटेटिव बनाया गया है। इसके अलावा एक अलग गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड का भी गठन किया गया है, जिसमें तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान, संयुक्त अरब अमीरात की मंत्री रीम अल-हाशिमी, कतर के राजनयिक अली अल-थावादी सहित कई क्षेत्रीय प्रतिनिधि शामिल हैं। इससे इस पहल में अमेरिकी नेतृत्व के साथ अरब देशों की सक्रिय भागीदारी भी स्पष्ट होती है।

कई वैश्विक नेताओं को भेजा गया न्योता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा ट्रंप ने दुनिया के कई प्रमुख नेताओं को गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने इस न्योते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हुए इसे अपने देश के लिए सम्मान बताया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी को भी निमंत्रण भेजा गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता मिला है। (Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan india visit) वहीं, इस सप्ताह होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भी गाजा के बोर्ड ऑफ पीस को लेकर विशेष चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाजा संकट के समाधान के लिए इस पहल को एक बड़े कूटनीतिक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें भारत सहित कई प्रभावशाली देशों की भूमिका अहम मानी जा रही है।

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