क्षत्रिय करणी सेना के शेखावत कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र: अदालत

क्षत्रिय करणी सेना के शेखावत कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र: अदालत

क्षत्रिय करणी सेना के शेखावत कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र: अदालत
Modified Date: August 25, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: August 25, 2026 9:28 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष राज शेखावत कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र हैं। शेखावत ने दावा किया था कि उन्हें नजरबंद किया गया है। पुलिस ने अदालत को स्पष्ट किया कि शेखावत किसी तरह की हिरासत में नहीं हैं।

उच्च न्यायालय का यह आदेश शेखावत को अदालत के समक्ष पेश करने के अनुरोध वाली एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर आया। याचिका में कहा गया था कि उन्हें यहां नेब सराय इलाके में एक मकान में कथित तौर पर नजरबंद रखा गया है।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘जहां तक हिरासत के आरोप का सवाल है, दिल्ली पुलिस के वकील के इस बयान को देखते हुए कि याचिकाकर्ता को हिरासत में नहीं रखा गया है, इस मामले में तत्काल कोई और राहत देने की जरूरत नहीं है।’’

याचिकाकर्ता के वकीलों ने दावा किया कि संबंधित प्राधिकारियों ने शेखावत को 24 अगस्त से परिसर से बाहर नहीं जाने दिया है। उनके वकील ने कहा कि शेखावत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी) विनियम, 2026 के संबंध में देशव्यापी जागरूकता अभियान चला रहे हैं।

दिल्ली पुलिस के वकील ने अदालत को बताया कि शेखावत को किसी भी मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आशंका है कि शेखावत प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की ओर जा सकते हैं।

अदालत ने दिल्ली पुलिस के बयान को स्वीकार करते हुए कहा कि ‘‘याचिकाकर्ता कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र है।’’

अदालत ने कहा, ‘‘हालांकि, यदि याचिकाकर्ता किसी प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें कानून के अनुसार ही ऐसा करना होगा।’’

भाषा अमित नेत्रपाल

नेत्रपाल


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