(तस्वीरों के साथ)
बेंगलुरु, नौ फरवरी (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार और बेंगलुरु दक्षिण से राज्य में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य तेजस्वी सूर्या सोमवार को मेट्रो रेल के किराए में बढ़ोतरी को लेकर आमने-सामने आ गए।
बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) ने सोमवार से अपने किराए में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी। हालांकि, रविवार रात को इस फैसले को क्रियान्वित करने पर रोक लगाने की जानकारी दी गई।
पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह तेजस्वी सूर्या को शहर में किफायती सार्वजनिक परिवहन की मांग को लेकर जयनगर मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शन करने के आरोप में हिरासत में लिया गया।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो)के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी ने मेट्रो के किराए में बढ़ोतरी के खिलाफ मेट्रो स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया।
मेट्रो किराए को दूरी के आधार पर एक रुपये से बढ़ाकर पांच रुपये कर दिया गया। फिलहाल इस वृद्धि पर रोक लगा दी गई। सूर्या के अनुसार, केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद यह रोक लगी है।
सांसद ने खाली बक्से लेकर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि राज्य सरकार के वादे इस बक्से की तरह खाली हैं।
यह विरोध प्रदर्शन उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार द्वारा सूर्या के खिलाफ की गई बयानबाजी के जवाब में भी था। शिवकुमार ने कहा था कि सूर्या एक खाली बक्से की तरह हैं जो सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय रहते हैं और जमीनी स्तर पर काम नहीं करते।
सूर्या ने उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम किफायती सार्वजनिक परिवहन और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, सरकार सिर्फ इसलिए हमें गिरफ्तार कर रही है और हिरासत में ले रही है। यह शर्मनाक है।’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सड़कें, बुनियादी ढांचा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें ‘‘गिरफ्तार’’ कर रही है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘केंद्र सरकार के दबाव के कारण मेट्रो किराए में बढ़ोतरी को दूसरी बार रोक दिया गया है। राज्य सरकार को आर्थिक स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।’’
उप मुख्यमंत्री ने सूर्या के दावों को खारिज करते हुए कहा कि इस बढ़ोतरी को रोकने में केंद्र की कोई भूमिका नहीं है।
शिवकुमार ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रविवार रात को केंद्र से आए निर्देशों का ‘‘कोई महत्व नहीं’’ है।
बेंगलुरु में विकास मामलों के मंत्री शिवकुमार ने कहा, ‘‘कर्नाटक सरकार ने किसी राजनीतिक दबाव या केंद्र की सलाह पर मूल्य वृद्धि को स्थगित नहीं किया है। केंद्र को इस मामले में हस्तक्षेप करने या मुझे इस संबंध में निर्देश देने का कोई अधिकार नहीं है।’’
उनके अनुसार, केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक को किराया वृद्धि की प्रक्रिया को आगे न बढ़ाने के लिए एक पत्र भेजा था।
शिवकुमार ने कहा कि जब तक नई किराया निर्धारण समिति (एफएफसी) का गठन नहीं हो जाता और वह नई सिफारिशें नहीं देती, तब तक केंद्र के पास किराया निर्धारण समिति (एफएफसी) की सिफारिशों के कार्यान्वयन में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
भाषा धीरज प्रशांत
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