शिवकुमार ने भाजपा को मनरेगा और ‘विकसित भारत-जी राम जी’ पर खुली बहस की चुनौती दी

शिवकुमार ने भाजपा को मनरेगा और ‘विकसित भारत-जी राम जी’ पर खुली बहस की चुनौती दी

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  • Publish Date - January 9, 2026 / 03:06 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 03:06 PM IST

बेंगलुरु, नौ जनवरी (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को भाजपा नेताओं को केंद्र सरकार की ‘विकसित भारत-जी-राम जी’ ग्रामीण रोजगार योजना और मनरेगा की विशेषताओं पर खुली बहस की चुनौती दी।

यह चुनौती मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की उस घोषणा के बाद दी गई, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को फिर से लागू करने के लिए दबाव बनाने के वास्ते विधानसभा का दो दिन का सत्र बुलाने की बात कही थी। मनरेगा 2005 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संप्रग सरकार द्वारा लाया गया था।

शिवकुमार ने यहां पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह मनरेगा को ‘‘निरस्त करने’’ संबंधी केंद्र के निर्णय पर विस्तार से चर्चा के लिए विधानसभा का दो दिवसीय सत्र आयोजित करेगी।

शिवकुमार ने ‘विकसित भारत-जी राम जी’ के बारे में लोगों को जानकारी देने से जुड़े भाजपा के अभियान की ओर इशारा किया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “उन्हें अपने कार्यों के बारे में बताने दीजिए और हम समझाएंगे कि इस कार्यक्रम (मनरेगा) से क्या लाभ हुआ है। भाजपा को हमारी और उसकी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनाओं के बीच अंतर पर हमसे बहस करने दीजिए। यह अच्छा है। हमें लोगों को इसके बारे में जागरूक करना होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी पार्टी के अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष या केंद्रीय मंत्री किसी टेलीविजन चैनल पर बहस के लिए आएं। मैं अपनी योजना और उनकी योजना पर उनसे बहस करने के लिए तैयार हूं।’’

मनरेगा में व्यापक भ्रष्टाचार के भाजपा के आरोपों से संबंधित सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि अगर कोई घोटाला हुआ है तो केंद्र को सीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए।

भाषा नेत्रपाल सुभाष

सुभाष