मोदी सरकार को बड़ा झटका, जीडीपी में आई गिरावट, 8.2 प्रतिशत से घटकर 7.1 फीसदी पर पहुंची
मोदी सरकार को बड़ा झटका, जीडीपी में आई गिरावट, 8.2 प्रतिशत से घटकर 7.1 फीसदी पर पहुंची
नई दिल्ली। यूपीए शासनकाल के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के घटाए गए आंकड़ों को लेकर विवाद के बीच मोदी सरकार को भी बड़ा झटका लगा है। वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में जीडीपी घटकर 7.1 फीसदी हो गई है। पहली तिमाही यह में 8.2 फीसदी रही थी। हालांकि 2017 की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 6.3 प्रतिशत था।
बताया जा रहा है कि जीडीपी में आई इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण डॉलर के खिलाफ रुपए के मूल्य में आई गिरावट और ग्रामीण मांग में कमी आना है। वित्तवर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में हल्की गिरावट के बावजूद जीडीपी की वृद्धि दर पिछले वित्तवर्ष की समान तिमाही की तुलना में अधिक रही है। इसी तरह सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) पहली तिमाही के 8 फीसदी के मुकाबले 6.9 फीसदी रहा।
इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट में विकास दर 7.5 से 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। वहीं रॉयटर्स पोल में भी विशेषज्ञों ने पहली तिमाही के मुकाबले गिरावट का अनुमान लगाया था। अक्टूबर में कच्चे तेल, नेचुरल गैस और उर्वरक के उत्पादन में कमी से 8 बुनियादी क्षेत्र के उद्योगों की वृद्धि दर 4.8 फीसदी रही। जबकि 8 बुनियादी क्षेत्रों कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली क्षेत्र की वृद्धि दर अक्टूबर 2017में 5 प्रतिशत रही थी, जबकि 2018 सितंबर में 4.3 फीसदी रही थी।
जीडीपी के ये आंकड़े वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी किए। अक्टूबर महीने में उर्वरक उत्पादन में 11.5 फीसदी, कच्चा तेल में 5 फीसदी और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में 0.9 फीसदी की कमी आई। जबकि कोयला, सीमेंट तथा बिजली उत्पादन में वृद्धि हुई।

Facebook


