नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) पूर्वी हिमालय में संस्कृति, रचनात्मकता और संवाद का उत्सव मनाने के लिए 26 से 28 अप्रैल तक ‘सिक्किम कला एवं साहित्य उत्सव’ आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की पहल पर प्रदेश के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस वर्ष के उत्सव में भारत और दुनिया भर के प्रमुख लेखक, विचारक और कलाकार भाग लेंगे।
इस समारोह के प्रमुख वक्ताओं में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित लेखिका मामांग दाई; लेखिका और जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल की सह-संस्थापक व सह-निदेशक नमिता गोखले; कवि और सांस्कृतिक स्वर शंकर देव ढकाल; प्रख्यात कवि और आलोचक रंजीत होस्कोटे; भारतीय नेपाली भाषा के लेखक चुडेन काबिमो; प्रतिष्ठित कवि रॉबिन एस. न्गांगोम; और प्रसिद्ध इतिहासकार, लेखक व जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के सह-संस्थापक व सह-निदेशक विलियम डैलरिम्पल शामिल हैं।
इनके साथ ही समारोह में भाग लेने वाले लेखकों, कवियों और संस्कृतिकर्मियों में अखिलेश उपाध्याय, अमृता त्रिपाठी, अनिर्बान भट्टाचार्य, अनुराधा शर्मा, अनुराग बस्नेत, अरुंधति नाथ और यिशे योंगदा जैसे नाम शामिल हैं।
समारोह का आयोजन कर रही टीमवर्क आर्ट्स ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी।
कार्यक्रम के प्रमुख सत्रों में ‘द गोल्डन रोड’ में विलियम डैलरिम्पल अपनी नई किताब पर चर्चा करेंगे, जो प्राचीन यूरेशिया में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को सामने लाती है। ‘द वाइल्ड पल्स’ सत्र में ईशान शनावास और नेहा सिन्हा, पेमा वांगचुक दोरजी के साथ जंगलों, जैव विविधता और संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे।
सिक्किम विधानसभा के सदस्य आदित्य गोले ने कहा, “सिक्किम आर्ट्स एंड लिटरेचर फ़ेस्टिवल हमारे राज्य की संवाद, रचनात्मकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।“
सिक्किम सरकार के शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले स्टूडेंट्स वेलफ़ेयर बोर्ड के अध्यक्ष, सोनम चोपेल शेरपा ने कहा, “यह पहल सिक्किम के सांस्कृतिक वातावरण को मज़बूत करती है और नई पीढ़ी को साहित्य और विचारों से जोड़ती है।“
टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजॉय के. रॉय ने कहा, “ हम इस फ़ेस्टिवल के माध्यम से ऐसा मंच बनाना चाहते हैं, जहां कहानियां लोगों को जोड़ें और नई सोच को जन्म दें।“
भाषा नरेश नरेश पवनेश
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