कोलकाता, 28 सितंबर (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने सोमवार को कथित अवैध रेत और पत्थर कारोबारी मोहम्मद नजीबुद्दीन मंडल उर्फ टुलू मंडल की चार आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।
पीठ ने कहा कि वह 22 सितंबर को उसकी इसी तरह की एक अन्य याचिका खारिज कर चुकी है।
पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मोहम्मद बाजार में मंडल के कथित सहयोगी के आवास से पांच किलोग्राम सोने की छड़ें और 28.53 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 50 करोड़ रुपये आंकी गई है।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने इन मामलों को अपनी पीठ से हटाते हुए निर्देश दिया कि उचित आदेश के लिए इन्हें मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि मंडल से जुड़े अन्य मामले उनकी अदालत में पहले से लंबित होने के कारण उच्च न्यायालय की एक समकक्ष पीठ ने 21 सितंबर को चारों आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं को उनकी पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए भेज दिया था।
समकक्ष पीठ द्वारा चारों याचिकाएं हटाए जाने के बाद इन्हें न्यायमूर्ति भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि एक याचिका पर फैसला होने के बाद अब मंडल से संबंधित कोई अन्य मामला उनकी अदालत में लंबित नहीं है।
उन्होंने इसी कारण से इन मामलों को अपनी अदालत से हटाने और उचित आदेश पारित करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने 22 सितंबर को कथित अवैध रेत और पत्थर कारोबारी द्वारा निचली अदालत के गिरफ्तारी वारंट और उसे भगोड़ा घोषित करने संबंधी आदेश के खिलाफ दायर एक अन्य पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया था।
याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा था कि मंडल 23 मई को भारत छोड़कर चला गया था और ऐसे में निचली अदालत के आदेशों में हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
भाषा गोला वैभव
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