रिकॉर्ड में सुधार के बजाय मतदाताओं के नाम काटने की प्रक्रिया है एसआईआर : ममता बनर्जी

रिकॉर्ड में सुधार के बजाय मतदाताओं के नाम काटने की प्रक्रिया है एसआईआर : ममता बनर्जी

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  • Publish Date - January 10, 2026 / 08:33 PM IST,
    Updated On - January 10, 2026 / 08:33 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

कोलकाता, 10 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया रिकॉर्ड सही करने के बजाय मतदाताओं के नाम हटाने की कवायद बना दी गई है।

एसआईआर शुरू होने के बाद से कुमार को लिखे अपने तीसरे पत्र में, बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर राजनीतिक पक्षपात, असंवेदनशीलता और मनमानी करने का आरोप लगाया।

उन्होंने तीन पृष्ठों के पत्र में कहा, ‘‘सुनवाई की प्रक्रिया काफी हद तक यांत्रिक हो गई है, जो पूरी तरह से तकनीकी आंकड़ों द्वारा संचालित है और इसमें विवेक, संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण का पूरी तरह अभाव है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य ‘‘न तो सुधार करना है और न ही नाम जोड़ना…बल्कि केवल नाम काटना है।’’

बनर्जी ने दावा किया कि वर्तनी या उम्र संबंधी मामूली त्रुटियों के कारण आम लोगों को जबरन सुनवाई, उत्पीड़न और वेतन हानि का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने शादी के बाद उपनाम बदलने वाली महिलाओं की दिक्कतों को भी रेखांकित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए बुलाया जा रहा है।

उन्होंने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में ‘‘तार्किक विसंगतियों’’ को चुनिंदा रूप से निशाना बनाए जाने, पश्चिम बंगाल में एक अलग पोर्टल के इस्तेमाल और अन्य प्रणालियों में बदलाव के कारण अधिकारियों के बीच भ्रम पैदा होने को लेकर भी चिंता जताई।

मुख्यमंत्री ने प्रवासी श्रमिकों और राज्य के बाहर रहने वाले लोगों के लिए भी चिंता व्यक्त की और कहा कि केवल कुछ चुनिंदा मतदाताओं को ही अधिकृत परिवार के सदस्यों के माध्यम से मतदान करने की अनुमति दी गई, जिससे कई अन्य लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन, कवि जॉय गोस्वामी, अभिनेता एवं सांसद दीपक अधिकारी और क्रिकेटर मोहम्मद शमी सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों को तलब किए जाने की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए पूछा, ‘‘क्या यह निर्वाचन आयोग की ओर से सरासर दुस्साहस नहीं है?’’

बनर्जी ने निर्वाचन आयोग से सुधारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘हालांकि बहुत देर हो चुकी है, उम्मीद है कि समझदारी से काम लिया जायेगा और राज्य के आम नागरिकों को हो रही परेशानी, असुविधा और पीड़ा को कम करने के लिए आपकी ओर से उचित सुधारात्मक कदम उठाये जायेंगे।’’

भाषा देवेंद्र दिलीप

दिलीप