एसकेएम ने अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया

एसकेएम ने अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया

एसकेएम ने अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया
Modified Date: January 11, 2026 / 10:31 pm IST
Published Date: January 11, 2026 10:31 pm IST

नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने रविवार को एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को कृषि और डेयरी क्षेत्रों को कारोबार के लिए खोलने के वास्ते अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के खिलाफ चेतावनी दी।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित बैठक के बाद किसान संगठन की राष्ट्रीय परिषद ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया।

बैठक में एसकेएम ने एक अन्य प्रस्ताव भी पारित किया, जिसमें जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अलावा उन लोगों को तत्काल रिहा करने की मांग की गई, जो “पांच साल बाद भी बिना मुकदमे के जेल में बंद हैं।” इस प्रस्ताव में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) को निरस्त करने की भी मांग की गई।

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प्रस्ताव में किसानों और आम जनता से “अमेरिका के साम्राज्यवाद और कॉरपोरेट ताकतों के दबाव में देश के हितों से समझौता करने के खिलाफ एकजुट होने” का आह्वान किया गया।

इसमें कहा गया कि किसान 2020-21 में निरस्त किए गए कृषि कानूनों के खिलाफ हुए ऐतिहासिक आंदोलन से भी कहीं अधिक व्यापक और उग्र विरोध-प्रदर्शन शुरू करेंगे।

एसकेएम ने एक बयान में कहा, “बैठक में किसानों और श्रमिकों से आह्वान किया गया कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार संसद के आगामी बजट सत्र में विद्युत विधेयक 2025 को पारित करती है, तो वे पूरे भारत में तत्काल विरोध-प्रदर्शन करें।”

बयान के मुताबिक, बैठक में 16 जनवरी को अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस से जुड़े प्रदर्शन में किसानों की भारी भागीदारी सुनिश्चित करने का फैसला भी लिया गया।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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