Smart City List in India: 10 सालों में सिर्फ 31 शहर हुए ‘स्मार्ट’.. सूचना के अधिकार से बड़ा खुलासा, 28 राज्यों के 100 शहर थे लिस्ट में

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मंत्रालय के मुताबिक, कई शहरों में काम लगभग पूरा हो चुका है, (Smart City List in India) जबकि पोर्ट ब्लेयर, तिरुपति, श्रीनगर, रायपुर, सिलवासा, फरीदाबाद, नागपुर, आइजोल, पुडुचेरी और लुधियाना सहित 26 शहरों में परियोजनाओं को पूरा होने में अभी और समय लगेगा।

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  • Publish Date - February 7, 2026 / 03:22 PM IST,
    Updated On - February 7, 2026 / 03:39 PM IST

Smart City List in India || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • दस साल बाद भी मिशन अधूरा
  • सिर्फ 31 शहर बने स्मार्ट
  • आरटीआई से खुली सरकारी हकीकत

नई दिल्ली: देश के 100 शहरों को ‘स्मार्ट सिटी’ में बदलने के लिए वर्ष 2016 में पांच साल की अवधि के लिए ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ शुरू किया गया था। (Smart City List in India) हालांकि दस साल बीत जाने और परियोजना की समयसीमा तीन बार बढ़ाए जाने के बावजूद अब तक केवल 31 शहर ही पूरी तरह ‘स्मार्ट’ बन पाए हैं, जबकि 26 शहरों को अभी खुद को स्मार्ट कहने में और समय लगेगा।

100 शहरों का ‘स्मार्ट सिटी’ के लिए चयन

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर एक आवेदन के जवाब में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने बताया कि 43 शहरों में परियोजनाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं, जबकि 26 शहरों में अभी भी काम जारी है। मिशन की समयसीमा पहले जून 2023 तक बढ़ाई गई, फिर 30 जून 2024 और इसके बाद 31 मार्च 2025 तक विस्तार दिया गया। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, लगभग दस वर्षों में 59,385 करोड़ रुपये की लागत से 31 शहरों को स्मार्ट सिटी में बदला गया है। मंत्रालय के मुताबिक, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चार चरणों में देश के 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के 100 शहरों का चयन किया गया था।

100 शहरों में 8067 परियोजनाएं पूरी

पहले चरण में जनवरी 2016 में 20 शहर, दूसरे चरण में मई से सितंबर 2016 के बीच 40 शहर, तीसरे चरण में जून 2017 में 30 शहर और जनवरी 2018 तक अंतिम चरण में 10 शहरों को मिशन के लिए चुना गया था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस मिशन का उद्देश्य पूरे शहर का नहीं बल्कि क्षेत्र-आधारित विकास करना था। योजना के तहत पुरानी संरचनाओं को तोड़े बिना उन्हें आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करना, पुनर्विकास, हरित क्षेत्र तैयार करना और ऐसा शहरी मॉडल विकसित करना शामिल है, (Smart City List in India) जिसे अन्य शहर भी अपना सकें। मंत्रालय के अनुसार, 24 जून 2025 तक 100 शहरों में 1.64 लाख करोड़ रुपये की लागत से 8067 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जो कुल परियोजनाओं का 94 प्रतिशत है।

सूचना के अधिकार में बड़ा खुलासा

आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, जिन 31 शहरों को स्मार्ट सिटी घोषित किया गया है, उनमें अगरतला, आगरा, भोपाल, चंडीगढ़, इंदौर, जबलपुर, पुणे, सूरत, उदयपुर, वडोदरा और वाराणसी सहित कई शहर शामिल हैं। इनमें इंदौर में सबसे अधिक 231 परियोजनाएं पूरी की गई हैं। सबसे अधिक धनराशि जिन शहरों पर खर्च हुई है, उनमें इंदौर, त्रिप्पुर, सूरत, वाराणसी, भोपाल और राजकोट शामिल हैं। आरटीआई के अनुसार, इंदौर में 3751 करोड़ रुपये, त्रिप्पुर में 2833 करोड़, सूरत में 2694 करोड़ और वाराणसी में 3342 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इस विषय पर स्मार्ट सिटी डिवीजन के संयुक्त निदेशक विवेक कुमार ने टिप्पणी करने से इनकार किया।

मंत्रालय के मुताबिक, कई शहरों में काम लगभग पूरा हो चुका है, (Smart City List in India) जबकि पोर्ट ब्लेयर, तिरुपति, श्रीनगर, रायपुर, सिलवासा, फरीदाबाद, नागपुर, आइजोल, पुडुचेरी और लुधियाना सहित 26 शहरों में परियोजनाओं को पूरा होने में अभी और समय लगेगा। स्मार्ट सिटी मिशन का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहीं संयुक्त सचिव रूपा मिश्रा ने भी व्यस्तता का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया।

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प्रश्न 1: स्मार्ट सिटी मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: मिशन का उद्देश्य चयनित क्षेत्रों का विकास कर टिकाऊ और शहरी मॉडल बनाना है आधारित

प्रश्न 2: अब तक कितने शहर पूरी तरह स्मार्ट बने हैं?

उत्तर: आरटीआई जानकारी के अनुसार केवल 31 शहर पूरी तरह स्मार्ट सिटी घोषित किए जा सके हैं

प्रश्न 3: स्मार्ट सिटी मिशन में देरी क्यों हुई?

उत्तर: परियोजना की समयसीमा बढ़ाने के कारण कार्यान्वयन में देरी, प्रशासनिक चुनौतियां और वित्तीय जटिलताएं रहीं