नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) ऐप-आधारित और पारंपरिक टैक्सी चालकों ने शनिवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी इस क्षेत्र के लिए नियम बनाने और बाइक टैक्सी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे थे।
‘राष्ट्रीय ड्राइवर संयुक्त मोर्चा समिति’ और ‘ऑल दिल्ली ऑटो टैक्सी कांग्रेस यूनियन’ के बैनर तले कई टैक्सी चालक यूनियन ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान चालकों ने मूल्य निर्धारण, नीति और टैक्सी के रूप में निजी वाहनों के उपयोग पर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
ऑल दिल्ली ऑटो टैक्सी कांग्रेस यूनियन के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा, ‘हमारे पास मांगों की एक सूची है जिसे हम केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सौंपना चाहते हैं। चालकों के कल्याण के लिए एक ‘राष्ट्रीय चालक आयोग’ का गठन होना चाहिए और देशभर में निजी बाइक टैक्सियों पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।’
ऐप-आधारित प्लेटफॉर्म पर लगने वाली ‘सर्ज प्राइसिंग’ (किराये में बढ़ोतरी) का मुद्दा उठाते हुए वर्मा ने कहा कि इसका समाधान किया जाना चाहिए क्योंकि इसका लाभ चालकों को नहीं मिलता, जबकि लोगों को लगता है कि चालक ज्यादा पैसा कमा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने टैक्सी के रूप में निजी वाहनों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की मांग की। उनका आरोप है कि इससे लाइसेंस प्राप्त चालकों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
भाषा सुमित पाण्डेय
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