(फाइल फोटो के साथ)
श्रीनगर, 17 जुलाई (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार का जंतर-मंतर पर विरोध कर रहे युवाओं से बातचीत करने से इनकार करना औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है।
महबूबा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक हमारी नयी पीढ़ी (‘जेन जेड’) का भविष्य बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ये परेशान करने वाले दृश्य हमें भारत को औपनिवेशिक शासन से आजाद कराने के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दी गई कुर्बानियों की याद दिलाते हैं। अंग्रेज़ भले ही चले गए हों, लेकिन औपनिवेशिक मानसिकता अब भी बनी हुई लगती है।’’
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर टिप्पणी की। नीट (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) प्रश्नपत्र मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह हड़ताल की जा रही है।
महबूबा ने पूछा, ‘‘लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार की उस बेरुखी को और कैसे समझाया जा सकता है, जो इतनी असंवेदनशील है कि वह जंतर-मंतर पर मौजूद युवाओं से बात करने से भी इनकार कर देती है–वही युवा पीढ़ी जो भारत का भविष्य तय करेगी?’’
नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का विरोध प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ था, जबकि शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए एवं तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
कॉजपा केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग कर रही है।
भाषा राजकुमार सुरेश
सुरेश