Pappu Yadav 31 year old Case Details: क्या है पप्पू यादव का 31 साल पुराना मामला…आधी रात पुलिस को क्यों करना पड़ा गिरफ्तार? यहां सम​झिए पूरा मामला

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Pappu Yadav 31 year old Case Details: क्या है पप्पू यादव का 31 साल पुराना मामला...आधी रात पुलिस को क्यों करना पड़ा गिरफ्तार? यहां सम​झिए पूरा मामला

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  • Publish Date - February 7, 2026 / 08:51 AM IST,
    Updated On - February 7, 2026 / 09:17 AM IST

Pappu Yadav 31 year old Case Details: क्या है पप्पू यादव का 31 साल पुराना मामला...आधी रात पुलिस को क्यों करना पड़ा गिरफ्तार? यहां सम​झिए पूरा मामला / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • सांसद पप्पू यादव को देर रात गिरफ्तार किया गया
  • धोखाधड़ी से मकान किराए पर लेकर उसे राजनीतिक दफ्तर बनाने का आरोप
  • कोर्ट में पेश न होने के कारण MP-MLA कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने का कड़ा आदेश दिया

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पटना: Pappu Yadav 31 year old Case Details पुलिस ने 35 साल पुराने एक मामले में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद यादव को चिकित्सीय जांच के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) ले जाया गया। उनकी गिरफ्तारी पटना स्थित आवास से हुई। शहर के मन्दिरी इलाके में पूर्णिया से सांसद यादव के आवास पर उस समय नाटकीय स्थिति पैदा हो गई जब उन्होंने पुलिस टीम से ‘वापस जाने’ को कहा और आश्वासन दिया कि वह शनिवार को अदालत में पेश होंगे। लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आधी रात किया गिरफ्तार

Pappu Yadav 31 year old Case Details यादव ने गिरफ्तारी से पहले ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, “मैं संसद सत्र में भाग लेकर लौटा हूं। मुझे अदालत के समन की जानकारी है और मैं कल पेश होऊंगा। लेकिन कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में आए हैं और वे दुर्व्यवहार कर रहे हैं।’’ यादव ने दावा किया कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह राज्य सरकार की आलोचना कर रहे हैं, खासकर हाल में एक नीट अभ्यर्थी की मौत के मामले को लेकर, जिसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई है। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था, “सांसद/विधायक अदालत ने 1995 के एक मामले में यादव के पेश नहीं होने पर वारंट जारी किया था। इसलिए हमने एक टीम भेजी थी ताकि उन्हें अदालत में पेश किया जा सके।’’

क्या है पप्पू यादव का 31 साल पुराना मामला

दरअसल पप्पू यादव के खिलाफ साल 1995 में विनोद बिहारी लाल के नाम शख्स ने शिकायत दर्ज कराई थी। विनोद बिहारी लाल का आरोप था कि पप्पू यादव ने उनका म​कान किराए पर लेकर कार्यालय के तौर पर उपयोग किया। जबकि मकान किराए पर लेने के दौरान उन्होंने ये बात छिपाई थी कि इसका इस्तेमाल कार्यालय के तौर पर किया जाएगा। मामले में कोर्ट ने पहले पप्पू यादव को वारंट जारी किया था, लेकिन वो हाजिर नहीं हुए। ऐसे में कोर्ट की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। उसके बाद आरोपियों के ठिकानों पर इश्तेहार चस्पा करने का आदेश दिया गया। लेकिन अदालत में पेशी न होने पर अब कोर्ट ने कड़ा कदम उठाते हुए पप्पू यादव सहित अन्य आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया है। यह कार्रवाई 1995 से लंबित मामले में एक अहम कानूनी मोड़ मानी जा रही है। फिलहाल पप्पू यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

 

कौन हैं सांसद पप्पू यादव

पप्पू यादव बिहार के एक कद्दावर राजनेता हैं। वर्तमान में वे पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र से स्वतंत्र सांसद हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत दर्ज की है। पप्पू यादव 6 बार सांसद रह चुके हैं, हालांकि उनका करियर उतार चढ़ाव और संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने अलग-अलग समय पर राजद (RJD), सपा (SP) और निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा। 2024 के चुनाव से ठीक पहले उन्होंने अपनी पार्टी ‘जन अधिकार पार्टी’ (JAP) का विलय कांग्रेस में किया था, लेकिन टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

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क्या पप्पू यादव को जेल भेज दिया गया है?

फिलहाल वे पुलिस कस्टडी में हैं, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल (PMCH) में भर्ती हैं। शनिवार (7 फरवरी) को उन्हें कोर्ट में पेश किया जा सकता है।

कुर्की-जब्ती का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि कोर्ट के आदेश पर पुलिस उनकी संपत्ति को अपने कब्जे में ले सकती है क्योंकि वे लंबे समय से कोर्ट की कार्यवाही से बच रहे थे।

क्या उन्हें जमानत मिल सकती है?

चूंकि यह मामला धोखाधड़ी और वारंट से जुड़ा है, उनके वकील कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी देंगे। हालांकि, पुराने रिकॉर्ड और गैर-हाजिरी को देखते हुए कोर्ट का रुख कड़ा हो सकता है।

NEET छात्रा का मामला क्या है?

जनवरी 2026 में पटना में एक NEET अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत हुई थी। पप्पू यादव ने इसे हत्या और बलात्कार का मामला बताते हुए बड़ा आंदोलन किया था।

31 साल बाद ही गिरफ्तारी क्यों?

पुलिस के अनुसार, यह केस गर्दनीबाग थाने में लंबित था। हाल ही में MP-MLA कोर्ट ने पुराने लंबित मामलों के निपटारे के लिए सख्त निर्देश दिए हैं, जिसके बाद यह वारंट जारी हुआ।