Opposition On India-US Trade Deal: ‘अमेरिका के हाथों बेच दिया देश’, ट्रेड डील पर विपक्ष ने मोदी सरकार को लिया आड़े हाथ

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Opposition On India-US Trade Deal: विपक्ष के नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील पर निशाना साधा है।

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  • Publish Date - February 7, 2026 / 12:34 PM IST,
    Updated On - February 7, 2026 / 12:39 PM IST

Opposition On India-US Trade Deal/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील पर विपक्ष के नताओं के बयान सामने आए हैं।
  • विपक्ष के नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील पर निशाना साधा है।
  • कांग्रेस नेता जयराम रमेश, आप सांसद संजय सिंह और कांग्रेस ने ट्रेड डील पर निशाना साधा है।

Opposition On India-US Trade Deal: नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच चल रही खींचतान अब खत्म होती नजर आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील हो गई है। इस ट्रेड डील के चलते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गर अतिरिक्त टैरिफ को हटा दिया है। (India-US Trade Deal) भारत पर लगाए जाने वाले 25% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया गया है। भारत और अमेरिका के बीच केवल 18 फीसदी टैरिफ है। इस बात का ऐलान खुद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर किया है। वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेड डील पर ख़ुशी जाहिर की है। वहीं विपक्ष के नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश, आप सांसद संजय सिंह और कांग्रेस ने ट्रेड डील (Opposition On India-US Trade Deal) पर निशाना साधा है।

जयराम रमेश ने ट्रेड डील को लेकर दिया बड़ा बयान

Opposition On India-US Trade Deal:  कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने बयान में कहा कि, अभी जारी किए गए अमेरिका-भारत संयुक्त बयान में डिटेल्स पर कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा गया है। लेकिन जो बातें अब तक सामने आई हैं, उनसे यह साफ़ होता है कि:

1. भारत अब रूस से तेल आयात नहीं करेगा। अलग से, अमेरिका ने यह भी घोषणा की है कि यदि भारत प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस से तेल खरीदता है, तो 25 प्रतिशत का दंड दोबारा लगाया जा सकता है।

2. भारतीय किसानों की कीमत पर अमेरिकी किसानों की मदद के लिए भारत आयात शुल्कों (import duties) में (Opposition On India-US Trade Deal) भारी कटौती करेगा।

3. अमेरिका से भारत का वार्षिक आयात तीन गुना हो जाएगा, जिससे वस्तुओं के व्यापार में हमारा लंबे समय से चला आ रहा सरप्लस समाप्त हो जाएगा।

4. अमेरिका को भारत के आईटी और अन्य सेवाओं के निर्यात को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी।

5. भारत के वस्तु निर्यात को अमेरिका में पहले की तुलना में अधिक शुल्कों (duties) का सामना करना पड़ेगा।

इतनी झप्पियों और फोटो-ऑप्स का कोई खास नतीजा नहीं निकला। नमस्ते ट्रंप, हाउडी मोदी पर भारी पड़ गया।

ट्रेड डील पर आया कांग्रेस का बयान

Opposition On India-US Trade Deal:  वहीं भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कांग्रेस की तरफ से भी बयान जारी किया गया है। कांग्रेस की तरफ से (Opposition On India-US Trade Deal) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी किए गए बयान में कहा गया है कि, अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर जॉइंट स्टेटमेंट आ गया है, इसे देखकर साफ कहा जा सकता है कि मोदी ने अमेरिका के हाथों देश बेच दिया है। इस डील से भारत के किसानों, व्यापारियों, उद्योगों को भारी नुकसान होगा।

भारत ने अमेरिका के लिए खोल दिए अपने बाजार

Opposition On India-US Trade Deal:  बयान के मुताबिक- अमेरिका हमसे 18% टैरिफ वसूलेगा, जो पहले 3% से कम होता था। भारत अमेरिका से आने वाले सामानों पर टैरिफ हटाएगा या कम करेगा। जैसे- अमेरिका से आने वाले खेती से जुड़े बड़ी संख्या में सामानों पर टैरिफ नहीं लगेगा। अमेरिका के फल, dried distillers’ grains (DDGs), पशु चारा के लिए लाल ज्वार, ड्राई फ्रूट पर टैरिफ हट जाएगा। (Opposition On India-US Trade Deal) भारत इस बात पर भी मान गया है कि, अमेरिकी फूड और खेती किसानी के उत्पादों पर नॉन-टैरिफ बैरियर को हटाया जाएगा। मतलब कि भारत अपने बाजार को पूरी तरह अमेरिका के लिए खोल रहा है।

इसके साथ ही अमेरिका से आने वाले खाने पीने के सामान पर भी टैरिफ हट जाएगा। भारत के कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक कैमिकल, घर की सजावट के सामान, कारीगर उत्पाद, मशीनरी, सब पर 18% टैरिफ लगेगा और इसका बहुत नुकसान भारत को होगा। (Opposition On India-US Trade Deal)  मोदी ने ट्रंप से ये भी करार किया है कि भारत अगले 5 साल में 500 बिलियन डॉलर का सामान अमेरिका से खरीदेगा, जैसे- अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद (तेल-गैस), विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट, खेती का सामान और कोयला।

पीएम मोदी पर है Epstine Files दबाव: कांग्रेस

Opposition On India-US Trade Deal:  कुल मिलाकर ये ट्रेड डील अमेरिका के फायदे की डील है और इससे भारत का भयंकर नुकसान है। नरेंद्र मोदी ने किसानों और व्यापारियों के हितों का जरा भी ध्यान नहीं रखा। भारत का पूरा बाजार थाली में सजाकर ट्रंप को सौंप दिया। मोदी ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनपर Epstine Files का भयंकर दबाव है। वो किसी भी हाल में खुद को बचाना चाहते हैं। (Opposition On India-US Trade Deal) इसलिए ऐसी डील पर साइन कर दिया, जिससे भारत को बड़ा नुकसान होने वाला है।

पीएम ने किया किसानों के साथ धोखा: संजय सिंह

Opposition On India-US Trade Deal:  आप सांसद संजय सिंह ने ट्रेड डील और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि, मोदी ने देश से झूठ बोला, करोड़ों किसानों के साथ धोखा किया। अमेरिका के लिए 0% टैक्स पर भारत का कृषि बाज़ार खोल दिया। उनके सस्ते अनाज और फल देश के बाज़ार में बिकेंगे और हमारा किसान बर्बाद हो जाएगा। भारत रूस से सस्ता (Opposition On India-US Trade Deal) तेल लेने के बजाय अमेरिका से महंगा तेल लेगा, जिसका खामियाजा देश की जनता को भुगतना पड़ेगा और 80,000 करोड़ का भार देश के आम लोगों पर पड़ेगा। Epstein Files में मोदी का नाम और अडानी को अमेरिका से मिले सम्मन के कारण मोदी ने देश के हितों को नीलाम कर दिया।

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भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्या है और इसमें क्या बदलाव हुए हैं?

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है, वहीं भारत ने भी कुछ अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करने पर सहमति जताई है।

इस ट्रेड डील से भारतीय किसानों पर क्या असर पड़ेगा?

आलोचकों के मुताबिक, इस ट्रेड डील से अमेरिकी कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटने के कारण भारतीय किसानों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है, जबकि सरकार इसे नए अवसरों से जोड़कर देख रही है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विपक्ष क्यों सवाल उठा रहा है?

विपक्ष का कहना है कि यह ट्रेड डील अमेरिका के पक्ष में ज्यादा है और इससे भारत के किसान, छोटे उद्योग और व्यापारियों को नुकसान हो सकता है।

इस ट्रेड डील से भारत के निर्यात और आयात पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

इस ट्रेड डील के बाद अमेरिका से भारत का आयात बढ़ने की संभावना है, जबकि कुछ भारतीय निर्यात उत्पादों पर 18% टैरिफ लागू रहेगा।

क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील लंबी अवधि में भारत के लिए फायदेमंद होगी?

सरकार का दावा है कि यह ट्रेड डील निवेश, रोजगार और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देगी, जबकि विपक्ष इसे भारत के लिए घाटे का सौदा बता रहा है।