मछुआरों की सुरक्षा और समुद्री हादसों से निपटने के लिए एसओपी बनाई जाएगी: केरल के मंत्री गफूर
मछुआरों की सुरक्षा और समुद्री हादसों से निपटने के लिए एसओपी बनाई जाएगी: केरल के मंत्री गफूर
कोच्चि, आठ अगस्त (भाषा) केरल के मत्स्य पालन मंत्री वी. ई. अब्दुल गफूर ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार मछुआरों की सुरक्षा मजबूत करने और समुद्र में होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित कार्रवाई के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रही है।
यह कदम तिरुवनंतपुरम और कोल्लम जिलों में अलग-अलग नाव दुर्घटनाओं के बाद तीन मछुआरों के लापता होने की घटनाओं के मद्देनजर उठाया जा रहा है।
गफूर ने संवाददाताओं से कहा कि इस योजना के तहत आधुनिक उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार की प्राथमिकता मछुआरों की सुरक्षा के लिए जरूरी हर कदम उठाना है। इस दिशा में काम चल रहा है। हम कई पहलुओं को आधुनिक बनाने पर विचार कर रहे हैं और इसके लिए बजट भी मंजूर किया जा चुका है। इस मदद से हम ऐसे हादसों के समय की जाने वाली कार्रवाई के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रहे हैं और सुरक्षा के उपाय भी बेहतर बना रहे हैं।’’
उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक उपकरण और सुविधाएं लाई जाएंगी, भले ही इसमें कुछ समय लगेगा।
उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में वर्तमान में समुद्री एंबुलेंस की संख्या पर्याप्त नहीं है और अतिरिक्त एंबुलेंस तैनात करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
गफूर ने कहा, ‘फिलहाल समुद्री एंबुलेंस की कमी है। नई एंबुलेंस तैनात करने की व्यवस्था की जा रही है। इनके तुरंत संचालन को लेकर कुछ सीमाएं हैं, लेकिन योजना तैयार है और कदम उठाए जा चुके हैं। इसके लिए बजटीय सहायता भी मिल चुकी है। हम जल्द ही जरूरी व्यवस्था स्थापित करेंगे।’
उन्होंने कहा कि वह लापता मछुआरों के परिवारों के लगातार संपर्क में हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने परिवारों से बात की है। मैं विड़िण्णम जा रहा हूं और वहां लापता मछुआरे के बेटे से बात करूंगा। मैंने नींदकारा में भी परिवार से बात की है। मैं सभी के लगातार संपर्क में हूं।’’
इस बीच, केरल के वन मंत्री शिबू बेबी जॉन ने भी शनिवार को कहा कि तटीय बचाव और आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था को आधुनिक बनाने तथा मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित एसओपी तैयार करने की जरूरत है।
भाषा
शुभम संतोष
संतोष

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