नेतृत्व को लेकर अटकलें : सिद्धरमैया ने कहा-कांग्रेस आलाकमान ने बैठक के लिए दिल्ली बुलाया

नेतृत्व को लेकर अटकलें : सिद्धरमैया ने कहा-कांग्रेस आलाकमान ने बैठक के लिए दिल्ली बुलाया

नेतृत्व को लेकर अटकलें : सिद्धरमैया ने कहा-कांग्रेस आलाकमान ने बैठक के लिए दिल्ली बुलाया
Modified Date: May 25, 2026 / 03:57 pm IST
Published Date: May 25, 2026 3:57 pm IST

बेंगलुरु, 25 मई (भाषा) कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा कि उन्हें कांग्रेस आलाकमान ने 26 मई को दिल्ली में बैठक के लिए आमंत्रित किया है।

हालांकि, सिद्धरमैया ने कहा कि उन्हें बैठक के एजेंडे के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

दिल्ली दौरे के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझसे दिल्ली आने के लिए कहा गया है। कल पूर्वाह्न 11 बजे एक बैठक है। मुझे एजेंडे के बारे में पता नहीं है, लेकिन मुझे आमंत्रित किया गया है। कल रात केसी वेणुगोपाल (कांग्रेस महासचिव-संगठन) ने मुझे फोन करके बैठक की तारीख और समय के बारे में बताया।’’

आलाकमान के साथ उनकी मुलाकात को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, “ये अटकलें तो हमेशा रहती हैं।”

कर्नाटक में 20 मई को कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर अटकलें जारी हैं।

इस बीच, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, “अगर मुझे (आलाकमान द्वारा) बुलाया जाता है, तो मैं जाऊंगा।”

शिवकुमार के समर्थक 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनने को लेकर हुए कथित समझौते के तहत उनकी (शिवकुमार) पदोन्नति पर जोर दे रहे हैं।

सिद्धरमैया ने कहा है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। उन्होंने कहा है कि वह आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे और पार्टी द्वारा बुलाए जाने पर चर्चा के लिए दिल्ली जाएंगे।

शिवकुमार ने लगातार यही कहा है कि वह कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे और मुख्यमंत्री पद पर परिवर्तन के संबंध में परिणाम समय के साथ पता चल जाएगा।

पार्टी के कई नेता चिंतित हैं कि नेतृत्व का मुद्दा शासन और कांग्रेस सरकार की छवि पर असर डाल रहा है। उन्होंने खुले तौर पर मांग की है कि 2028 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में पार्टी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आलाकमान इस मुद्दे को सुलझाए।

मंत्री पद के इच्छुक कांग्रेस विधायकों के एक बड़े वर्ग की ओर से मंत्रिमंडल में फेरबदल की मांग जोर पकड़ रही है, ताकि मौजूदा कुछ मंत्रियों को हटाकर उनमें से कुछ को मंत्री बनाया जा सके। कुछ इच्छुक विधायक इस संबंध में पार्टी आलाकमान से मिलने दिल्ली भी जा चुके हैं; उनमें से कुछ इस महीने के अंत तक फेरबदल के लिए दबाव बनाने के वास्ते दिल्ली के एक और दौरे की योजना बना रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में फेरबदल के पक्षधर हैं, जबकि शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर निर्णय ले।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, अगर कांग्रेस आलाकमान मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंजूरी दे देता है, तो यह संकेत होगा कि मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, जिससे शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने की संभावना समाप्त हो जाएगी।

कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित 34 मंत्री हो सकते हैं।

वर्तमान में तीन कैबिनेट पद रिक्त हैं। कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि एसटी विकास निगम में गबन के आरोपों के चलते बी नागेंद्र ने इस्तीफा दे दिया था और पार्टी आलाकमान के निर्देश पर के एन राजन्ना को बर्खास्त कर दिया गया। मंत्री डी सुधाकर के हाल ही में हुए निधन से तीसरा पद रिक्त हो गया।

भाषा अमित पारुल

पारुल


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