स्पाइसहेल्थ, सीएसआईआर-आईजीआईबी ने दिल्ली हवाईअड्डे पर जीनोम श्रृंखला प्रयोगशाला शुरू की

स्पाइसहेल्थ, सीएसआईआर-आईजीआईबी ने दिल्ली हवाईअड्डे पर जीनोम श्रृंखला प्रयोगशाला शुरू की

स्पाइसहेल्थ, सीएसआईआर-आईजीआईबी ने दिल्ली हवाईअड्डे पर जीनोम श्रृंखला प्रयोगशाला शुरू की
Modified Date: November 29, 2022 / 07:48 pm IST
Published Date: January 14, 2021 11:47 am IST

नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) स्पाइसहेल्थ और सरकार के अनुसंधान संस्थान सीएसआईआर-आईजीआईबी ने बृहस्पतिवार को दिल्ली हवाईअड्डे पर एक जीनोम श्रृंखला प्रयोगशाला की शुरुआत की ताकि ब्रिटेन और अन्य देशों में सामने आये कोरोना वायरस के नये स्वरूपों को लेकर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

दिल्ली हवाईअड्डे पहुंचने पर आरटी-पीसीआर जांच कराने वाले और संक्रमित पाये जाने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के नमूने इस प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे।

जीनोम श्रृंखला में वायरस के नमूने की रासायनिक संरचना का विश्लेषण किया जाता है और यह समझा जाता है कि यह पहले से मौजूद वायरस से अलग कैसे है।

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद – जिनोमिकी और समवेत जीवविज्ञान संस्थान (सीएसआईआर-आईजीआईबी) के निदेशक अनुराग अग्रवाल ने कहा, ‘‘हमने यहां हवाईअड्डे पर स्पाइसहेल्थ के साथ एक पायलट परियोजना शुरू की है, जिसमें पता लगाया जाएगा कि क्या हम 48 घंटे से कम समय के अंदर जीनोम श्रृंखला विकसित कर सकते हैं और वायरस का कोई नया स्वरूप मिलने की स्थिति में क्या सरकार को समय पर सूचित कर सकते हैं।’’

जीनोम श्रृंखला के लिए भारत की क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं में भेजे गये नमूनों के परिणाम आने में करीब एक सप्ताह लग जाता है।

भाषा वैभव दिलीप

दिलीप


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