डब्ल्यूसीटी परियोजना प्रस्ताव को भारत की मंजूरी का श्रीलंका का दावा गलत: विदेश मंत्रालय

डब्ल्यूसीटी परियोजना प्रस्ताव को भारत की मंजूरी का श्रीलंका का दावा गलत: विदेश मंत्रालय

डब्ल्यूसीटी परियोजना प्रस्ताव को भारत की मंजूरी का श्रीलंका का दावा गलत: विदेश मंत्रालय
Modified Date: November 29, 2022 / 08:33 pm IST
Published Date: March 5, 2021 7:03 pm IST

नई दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को श्रीलंका सरकार के उस दावे को तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया, जिसमें भारतीय मिशन द्वारा कोलंबो बंदरगाह के वेस्टर्न कंटेनर टर्मिनल (डब्ल्यूसीटी) के विकास प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की बात कही गई है।

साथ ही कहा, भारत का मानना है कि श्रीलंका सरकार इस परियोजना को लेकर निवेशकों से सीधे संपर्क में है।

श्रीलंका ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उसने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कोलंबो बंदरगाह के वेस्टर्न कंटेनर टर्मिनल (डब्ल्यूसीटी) के विकास प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका विकास भारत और जापान के साथ एक संयुक्त उद्यम कंपनी के तहत किया जाएगा।

श्रीलंका यह परियोजना 35 साल के पट्टे पर देगा। सरकार ने इस निर्णय से कुछ सप्ताह पहले इसी बंदरगाह पर इसी तरह की एक त्रिपक्षीय व्यवस्था के अंतर्गत एक टर्मिनल के विकास की योजना निरस्त कर दी थी।

इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ” कोलंबो स्थित हमारे उच्चायोग ने श्रीलंका सरकार को सूचित किया है कि उनके द्वारा जारी विज्ञप्ति में जहां तक भारतीय उच्चायोग की तरफ से मंजूरी प्रदान करने संबंधी बात है, वह तथ्यात्मक रूप से गलत है।”

भाषा शफीक प्रशांत

प्रशांत


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