लोकसभा में गतिरोध जारी; विपक्ष के हंगामे को लेकर कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

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लोकसभा में गतिरोध जारी; विपक्ष के हंगामे को लेकर कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 02:42 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 02:42 PM IST

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बृहस्पतिवार को लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही ‘कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026’ को चर्चा के बिना पारित कर दिया।

मानसून सत्र की शुरुआत से सदन में एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके हैं।

सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम हमले की बरसी का उल्लेख किया और फिर सदस्यों ने कुछ देर मौन रखकर पीड़ितों को श्रद्धांजिल दी।

हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए परमाणु बम हमले के पीड़ितों को लोकसभा द्वारा श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे।

समाजवादी पार्टी के सांसद जहां अयोध्या में राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा प्रमुखता से उठा रहे थे, वहीं कांग्रेस के सदस्यों को दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की अपनी मांग दोहराते हुए सुना गया।

बिरला ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘सदन चलना चाहिए। सदन चर्चा और संवाद के लिए होना चाहिए। लेकिन आप रोजाना नियोजित तरीके से गतिरोध पैदा करते हैं, सदन की गरिमा गिराते हैं। ये अच्छी परंपराएं नहीं हैं और आपका आचरण भी अच्छा नहीं है। देश आपके आचरण को देख रहा है।’’

शोर-शराबा नहीं थमने पर अध्यक्ष ने 11 बजकर तीन मिनट पर बैठक अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी।

बैठक दो बजे पुन: शुरू हुई तो विपक्ष के सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे।

हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026’ को चर्चा एवं पारित करने के लिए रखा।

पीठासीन सभापति संध्या राय ने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाकर बैठने और कार्यवाही चलाने में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा, ‘‘आपका यह व्यवहार उचित नहीं है। यह लोकसभा की गरिमा के अनुरूप नहीं है।’’

विपक्ष के हंगामे के कारण विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी।

सदन ने इस संबंध में जून में लागू अध्यादेश को अस्वीकृत करने के आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन के सांविधिक संकल्प को खारिज कर दिया।

सभा ने के. राधाकृष्णन, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और प्रेमचंद्रन समेत कुछ विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को भी खारिज कर दिया।

इसके बाद, ध्वनिमत से विधेयक को पारित कर दिया गया।

हंगामा नहीं थमने पर पीठासीन सभापति ने बैठक शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित कर दी।

भाषा

वैभव सुभाष

सुभाष