स्टालिन ने मोदी से श्रीलंका के नए संविधान में तमिलों के अधिकारों को सुनिश्चित करने का आग्रह किया

स्टालिन ने मोदी से श्रीलंका के नए संविधान में तमिलों के अधिकारों को सुनिश्चित करने का आग्रह किया

स्टालिन ने मोदी से श्रीलंका के नए संविधान में तमिलों के अधिकारों को सुनिश्चित करने का आग्रह किया
Modified Date: January 11, 2026 / 10:34 pm IST
Published Date: January 11, 2026 10:34 pm IST

चेन्नई, 11 जनवरी (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि वे श्रीलंका पर दबाव डालें कि अल्पसंख्यक तमिल लोगों के लिए समानता और सत्ता के विकेंद्रीकरण जैसे सिद्धांतों को द्वीपीय राष्ट्र के नए संविधान में शामिल किया जाए।

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के नेतृत्व वाली श्रीलंका की मौजूदा सरकार ने ‘जातीय मुद्दों को सुलझाने के बहाने’ एक नया संविधान लागू करने के प्रयासों को तेज कर दिया है।

हालांकि, यह प्रस्तावित ढांचा एक बार फिर एकात्मक ‘इक्कियाराज्य’ (एकात्मक राज्य) मॉडल को मजबूत करता प्रतीत होता है, जो राजनीतिक स्वायत्तता के लिए तमिलों की वैध आकांक्षाओं की अनदेखी करके उन्हें और अधिक हाशिए पर धकेलने का खतरा पैदा करता है।

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हाल ही में, स्टालिन ने कहा कि उन्हें श्रीलंका में चल रहे संवैधानिक सुधारों से श्रीलंकाई तमिल समुदाय को होने वाले गंभीर खतरों को उजागर करने वाले विस्तृत अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों के कारण तमिलनाडु राज्य श्रीलंका में तमिलों के अधिकारों और आकांक्षाओं को कायम रखने में अग्रणी रहा है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में, भारत और श्रीलंका के सम्मानित तमिल नेताओं के अभ्यावेदनों के आधार पर श्रीलंका के प्रस्तावित नए संविधान से संबंधित मुद्दे को आपके ध्यान में लाना मेरा परम कर्तव्य है।’’

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह तमिलों की शिकायतों का सही मायने में समाधान करने वाली संवैधानिक प्रक्रिया के लिए श्रीलंका के अधिकारियों के साथ उच्चतम स्तर पर राजनयिक रूप से बातचीत करे।

उन्होंने कहा कि भारत को संघीय व्यवस्था को शामिल करने के लिए दबाव डालना चाहिए जो प्रांतों को शक्ति का विकेंद्रीकरण करे, जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करे और बहुलवाद और समानता के सिद्धांतों को कायम रखे।

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश


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