उदयपुर, दो मई (भाषा) राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के निदेशक आलोक रंजन ने शनिवार को कहा कि सीसीटीएनएस 2.0 और आईसीजेएस 2.0 जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां पुलिसिंग को पूरी तरह डिजिटल और एकीकृत बनाएंगी।
उन्होंने उदयपुर में राज्य स्तरीय ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।
रंजन ने बताया कि आने वाले समय में डेटा एकीकरण और ‘रियल-टाइम’ सूचना साझाकरण से अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया और अधिक सशक्त होगी।
राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने कहा कि ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ का असली उद्देश्य केवल तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि उसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है।
उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे तकनीकी दक्षता के साथ आमजन के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही को भी प्राथमिकता दें।
आधिकारिक बयान के अनुसार इस कार्यशाला में पुलिसिंग के आधुनिक स्वरूप, तकनीकी नवाचारों और डिजिटल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ते हुए अपराध नियंत्रण और जनसेवा को अधिक प्रभावी बनाना रहा।
भाषा
पृथ्वी रवि कांत