कट्टर बेईमान : मोदी ने कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर आम आदमी पार्टी पर हमला बोला

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कट्टर बेईमान : मोदी ने कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर आम आदमी पार्टी पर हमला बोला

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 07:10 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 07:10 PM IST

जालंधर (पंजाब), 17 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर कानून-व्यवस्था और कई अन्य मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य की सत्तारूढ़ सरकार को ‘‘कट्टर बेईमान’’ करार देते हुए कहा कि इसकी न तो साफ नीयत है और न ही ईमानदारी है।

जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये की लागत वाली रेलवे और सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है।

उन्होंने कहा कि यहां कोई नहीं जानता कि कब और कहां गैंगवार हो जाए या किस दिशा से गोलियां चलने लगें।

मोदी ने कहा, ‘‘खुलेआम रंगदारी मांगी जा रही हैं और यहां तक कि पुलिस थानों पर हमले की घटनाएं भी आम हो गई हैं।’’

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब के नाम पर कर्ज लिया जा रहा है और बजट का एक बड़ा हिस्सा उस कर्ज को चुकाने में खर्च हो रहा है, जबकि राज्य सरकार चलाने वाले लोग उसी पैसे का लाभ उठा रहे हैं।

मोदी ने शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसे जनता की चिंता नहीं है, क्योंकि वह अपने ही मामलों में उलझा हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘पूरे पंजाब में विकास कार्य ठप हो गए हैं। जिन परियोजनाओं को दिखाया जा रहा है, वे सभी केंद्र सरकार की पहल हैं।’’

प्रधानमंत्री ने यहां शुरू की गई विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘अब जालंधर विकास का गवाह बन रहा है।’’

मोदी ने कहा कि भले ही पंजाब में भाजपा की सरकार नहीं है, लेकिन केंद्र में भाजपा नीत राजग सरकार राज्य के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘2014 से पहले रेलवे की क्या स्थिति थी? उस समय की कांग्रेस सरकार नई ट्रेनों को लेकर झूठी घोषणाएं करती थी और फिर चुप बैठ जाती थी।’’

मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस की पंजाब इकाई में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अंदरूनी लड़ाई कभी खत्म होती नजर नहीं आती। उन्होंने कहा, ‘‘वे जनता के लिए नहीं लड़ रहे हैं, वे आपस में ही लड़ रहे हैं।’’

भाषा शफीक दिलीप

दिलीप