शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकना गलत, लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार मिलना चाहिए : भगवंत मान
शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकना गलत, लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार मिलना चाहिए : भगवंत मान
चंडीगढ़, 21 जुलाई (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली जा रहे किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोके जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए मंगलवार को कहा कि लोकतंत्र में किसानों को ‘‘शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन’’ करने की अनुमति मिलनी चाहिए।
यहां मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में मान ने कहा, ‘‘किसान प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध कर रहे हैं। मैं हरियाणा सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहना चाहता हूं कि किसानों को न रोका जाए।’’
उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित कर उनकी समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया।
मान ने कहा, ‘‘हरियाणा प्रशासन को शंभू बॉर्डर पर किसानों को नहीं रोकना चाहिए था। अतीत में जो कुछ हम देख चुके हैं, उसे दोहराने की क्या जरूरत है?’’
उनका इशारा शंभू बॉर्डर पर किसानों के लंबे समय तक चले पिछले आंदोलनों की ओर था।
उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में लोगों को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अनुमति मिलनी चाहिए।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार को किसानों से बातचीत करनी चाहिए और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़ी उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए।’’
उल्लेखनीय है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित ‘किसान महापंचायत’ में भाग लेने के लिए दिल्ली जा रहे पंजाब के सैकड़ों किसानों को मंगलवार को शंभू बॉर्डर पर रोक दिया गया। हरियाणा पुलिस ने दिल्ली में प्रवेश मार्ग पर अवरोधक लगाए और सीमेंट के अवरोधक रख दिए। अंबाला जिला प्रशासन ने भी जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले दिल्ली के किसान घाट पर एक दिवसीय किसान महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की गई थी।
मुख्यमंत्री मान ने सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) खुद को ‘विश्वगुरु’ बताते हैं, लेकिन एक परीक्षा भी ठीक से नहीं करा सकते। यह पहली बार नहीं है कि प्रश्नपत्र लीक हुआ है।’’
मान ने कहा, ‘‘ऐसी घटनाएं युवाओं का मनोबल तोड़ देती हैं। और जब वे विरोध दर्ज कराने दिल्ली के जंतर-मंतर आते हैं, तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं। आखिर वे जाएं तो कहां जाएं?’’
उन्होंने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री छात्रों को परीक्षा देने के तरीके बताते रहते हैं। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि परीक्षा कैसे कराई जाती है।’’
पंजाब में आगामी विधानसभा सत्र में बेअदबी-रोधी कानून में संभावित संशोधन के संबंध में पूछे गए एक सवाल पर मान ने कहा कि सरकार अकाल तख्त द्वारा दिए गए सुझावों पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के साथ चर्चा कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि महाधिवक्ता संशोधन की सिफारिश करते हैं तो कानून में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।
भाषा रवि कांत रवि कांत पवनेश
पवनेश

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