रांची, नौ अगस्त (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध कर रहे अभ्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उन्हें पारदर्शिता के साथ न्याय मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बातचीत से ही समस्याओं का समाधान हो सकता है, लाठी-डंडे से नहीं, हथियार तो सीमा पर दुश्मनों के लिए होते हैं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतंत्र को बाधित करने के लिए निहित स्वार्थ वाले लोग पूरी ताकत से काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले लोगों द्वारा गुमराह किये जाने के प्रति युवाओं को आगाह किया।
सोरेन ने कहा कि युवाओं की चिंता उनकी भी चिंता है और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ‘‘झारखंड की आत्मनिर्भरता को स्वीकार न कर पाने वाले निहित स्वार्थी तत्व राज्य में लोकतंत्र को बाधित करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। समस्याओं का समाधान ‘लाठी-डंडा-बंदूक’ से नहीं, बल्कि संवाद से ही हो सकता है।’’
सोरेन ने रांची में आयोजित झारखंड आदिवासी महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा,‘‘हथियार सीमा पर दुश्मनों के लिए होते हैं। मैं परीक्षा को लेकर विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों से वादा करता हूं कि पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय किया जाएगा।’’
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘सबने देखा कि युवाओं को कैसे प्रताड़ित किया गया, उन्हें पैलेट गन और लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा और उन्हें देशद्रोही करार दिया गया।’’
भाजपा की तरफ इशारा करते हुए सोरेन ने विरोधी राजनीतिक पार्टियों पर झूठ और गलत जानकारी फैलाकर झारखंड के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि इसमें बुद्धिजीवी भी शामिल थे।
उन्होंने चेतावनी दी, ‘‘इस आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। मैं राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वालों को युवाओं को गुमराह करने के खिलाफ आगाह करता हूं।’’
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को न्याय दिलाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा, ‘‘अनियमितताओं के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमने चोरी पकड़ी है, न्याय भी दिलाएंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे (अपने आंदोलन के लिए) राजनीतिक संरक्षण न मांगें, न्याय आपका अधिकार है।’’
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध-प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। इसके तहत छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का छठा दौर रांची के राजकीय अतिथि गृह में हो रहा है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में सुधारों के अलावा, प्रदर्शनकारी कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच सीबीआई से या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराने की मांग कर रहे हैं।
भाषा धीरज संतोष
संतोष