स्कूलों में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नॉट वाली टाई न पहनें विद्यार्थी: हरियाणा बाल अधिकार आयोग

स्कूलों में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नॉट वाली टाई न पहनें विद्यार्थी: हरियाणा बाल अधिकार आयोग

स्कूलों में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नॉट वाली टाई न पहनें विद्यार्थी: हरियाणा बाल अधिकार आयोग
Modified Date: July 12, 2026 / 06:10 pm IST
Published Date: July 12, 2026 6:10 pm IST

चंडीगढ़, 12 जुलाई (भाषा) हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एक परामर्श जारी कर सुझाव दिया है कि सभी स्कूल अपने गणवेष में नॉट वाली टाई को अनिवार्य रूप से शामिल न करें ताकि अलग-अलग गतिविधियों के दौरान बच्चों के गले में टाई फंसने या दम घुटने जैसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

एचएससीपीसीआर की प्रमुख तृप्ति श्योराण द्वारा 10 जुलाई को जारी परामर्श के अनुसार, आयोग ने देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आई “कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं’’ का संज्ञान लिया है। इन घटनाओं में स्कूल जाने वाले बच्चों की जान चली गई; ऐसा तब हुआ जब खेलते समय या रोजमर्रा की गतिविधियों के दौरान उनकी पारंपरिक टाई झूलों, दीवार पर लगे हुक और दूसरी चीजों में फंस गई और अनजाने में उनका गला घुट गया।

आयोग ने कहा कि ऐसी घटनाएं, भले ही अनजाने में होती हैं लेकिन उन्हें रोका जा सकता है।

इसमें कहा गया है, “आम टाई, जिन्हें मुख्य रूप से विद्यालय गणवेष के तौर पर अनिवार्य रूप से पहना जाता है, उनसे गला घुटने की आशंका होती है जिसे टाला जा सकता है।”

श्योराण ने कहा कि जब सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं, तो सिर्फ गणवेष की परंपरा के लिए बच्चों को ऐसे जोखिमों में डालना ठीक नहीं है।

आयोग ने स्कूलों को सलाह दी है कि वे ‘क्लिप-ऑन’ (अलग हो सकने योग्य) या वेल्क्रो (आसानी से अलग होने वाली) टाई अपनाएं, जिन्हें आपात स्थिति में तुरंत अलग किया जा सकता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है।

आयोग ने कहा है कि ब तक ऐसे विकल्प नहीं अपनाए जाते, तब तक स्कूलों को यह पक्का करना चाहिए कि खेल, शारीरिक शिक्षा की क्लास, खेल के मैदान की गतिविधियों या किसी भी ऐसी गतिविधि के दौरान, जिसमें गले में कुछ फंसने का खतरा हो, पारंपरिक टाई न पहनी जाए।

बाल अधिकार संस्था ने कहा कि स्कूलों को पारंपरिक टाई से जुड़े संभावित खतरों के बारे में शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करना चाहिए।

स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वे इस मुद्दे पर शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के बीच जागरूकता बढ़ाएं।

इसमें कहा गया है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग से अनुरोध किया गया है कि वह राज्य भर के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में इस परामर्श को तुरंत पहुंचाएं और यह सुनिश्चित करें कि जरूरी कार्रवाई की जाए।

इस महीने की शुरुआत में, भिवानी जिले में सात साल के एक लड़के की अपने बड़े भाई की टाई से खेलने के दौरान मौत हो गई थी।

भिवानी के पुलिस अधिकारी धर्म सिंह ने कहा, “यह दुर्घटनावश गला घुटने का मामला था”।

भाषा प्रशांत नरेश

नरेश


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