नीट पर तमिलनाडु सरकार का रुख जानना चाहते हैं छात्र : अन्नाद्रमुक नेता उदयकुमार

नीट पर तमिलनाडु सरकार का रुख जानना चाहते हैं छात्र : अन्नाद्रमुक नेता उदयकुमार

नीट पर तमिलनाडु सरकार का रुख जानना चाहते हैं छात्र : अन्नाद्रमुक नेता उदयकुमार
Modified Date: July 26, 2026 / 11:55 am IST
Published Date: July 26, 2026 11:55 am IST

शिवगंगा (तमिलनाडु), 26 जुलाई (भाषा) अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के वरिष्ठ नेता आर. बी. उदयकुमार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और कावेरी जल विवाद से निपटने के राज्य सरकार के तरीके को लेकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर रविवार को तीखा हमला बोला और राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।

उदयकुमार ने ‘कझग अम्मा पेरवई’ की एक सभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि तमिलनाडु में नीट के खिलाफ सबसे पहले अन्नाद्रमुक ने पुरजोर आवाज उठाई थी।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ई. के. पलानीस्वामी ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सरकारी विद्यालियों के विद्यार्थियों को 7.5 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण देकर असल सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया था।

उदयकुमार ने कहा, ‘‘जब पूरे देश में यह मुद्दा गरम है, तब तमिलनाडु सरकार का क्या रुख है? छात्र पूछ रहे हैं कि मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं। वह सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के सवालों का जवाब नहीं दे रहे।’’

उन्होंने राज्य के मंत्रियों पर छात्रों को वास्तविक समाधान देने और बेहतर शासन करने के बजाय जनसंपर्क तथा सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाने में व्यस्त रहने का आरोप लगाया।

उदयकुमार ने कहा, ‘‘रील बनाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। मुझे नहीं पता कि ऐसे मंत्रियों और ऐसे मुख्यमंत्री के रहते हम क्या हासिल करेंगे।’’

उदयकुमार ने कावेरी जल विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और कावेरी जल विनियमन समिति की 53 बैठक होने के बावजूद तमिलनाडु अपने हिस्से का पानी हासिल नहीं कर पाया है।

उन्होंने सवाल किया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के साथ बातचीत से मुख्यमंत्री विजय क्या हासिल कर पाएंगे। उदयकुमार ने कहा कि करीब 90 प्रतिशत जलाशय सूखे पड़े हैं, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि पर सूखे का खतरा मंडरा रहा है।

विजय ने कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से जारी विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत का प्रस्ताव रखा है। भाषा सिम्मी शोभना

शोभना


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