दिल्ली में करीब 95 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता डिजिटल माध्यम से कर रहे बिल का भुगतान

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दिल्ली में करीब 95 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता डिजिटल माध्यम से कर रहे बिल का भुगतान

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 05:06 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 05:06 PM IST

नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) दिल्ली में बिजली बिलों के डिजिटल भुगतान का चलन तेजी से बढ़ा है और अब करीब 95 प्रतिशत उपभोक्ता अपने बिल का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से करने लगे हैं।

दिल्ली में बिजली वितरण करने वाली कंपनियों- बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) ने बताया कि उनके करीब 95 प्रतिशत उपभोक्ता डिजिटल माध्यमों से बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं।

उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में बिजली वितरण करने वाली कंपनी टीपीडीडीएल के एक प्रवक्ता ने बताया कि उसके 22 लाख उपभोक्ताओं में से करीब 95 प्रतिशत अब डिजिटल माध्यमों से बिल का भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान और स्वयं-सेवा सुविधाओं को अपनाने का स्तर तेजी से बढ़ा है।

इसी तरह, बीएसईएस ने कहा कि उसके उपभोक्ताओं में डिजिटल भुगतान की हिस्सेदारी 2021-22 के 85 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 93 प्रतिशत और अब करीब 95 प्रतिशत हो गई है। कंपनी के करीब 85 प्रतिशत ग्राहक सेवाओं से जुड़े अनुरोध भी अब डिजिटल माध्यमों से ही करना पसंद करते हैं।

टीपीडीडीएल के मुताबिक, उसके डिजिटल भुगतान लेनदेन 2021-22 के 74.3 लाख से बढ़कर 2025-26 में करीब 1.1 करोड़ हो गए। वहीं, गैर-डिजिटल लेनदेन इस दौरान 14.81 लाख से घटकर महज 8.46 लाख रह गए।

बीएसईएस ने कहा कि उसके डिजिटल भुगतान लेनदेन की संख्या 2021-22 में करीब 1.15 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में लगभग 1.78 करोड़ हो गई। इसके साथ ही भुगतान केंद्रों पर भौतिक रूप से आने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 22.91 लाख से घटकर 14.46 लाख रह गई।

बिजली वितरण कंपनियों ने कहा कि वेबसाइट, मोबाइल ऐप और यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यमों के विस्तार तथा स्वयं-सेवा सुविधाओं से उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान और अन्य सेवाओं का इस्तेमाल आसान हो गया है।

टाटा पावर-डीडीएल ने कहा कि वह दिल्ली की पहली बिजली वितरण कंपनी थी जिसने यूपीआई के जरिए गैर-बिजली बिल भुगतान की सुविधा शुरू की थी। इसके तहत बिजली बिलों पर क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए, जिससे उपभोक्ता तेज और संपर्क रहित भुगतान कर सकें।

भाषा रमण प्रेम

प्रेम